हल्द्वानी: सोमवार शाम हल्द्वानी नगर में एक दर्दनाक घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया। यहाँ के रहने वाले सजल जोशी ने चाकू से खुद का गला रेतकर आत्महत्या कर ली। इस दुखद कदम से पहले सजल ने इंस्टाग्राम पर सुसाइड नोट और अपने यूट्यूब चैनल पर साढ़े छह मिनट का वीडियो पोस्ट किया, जिसमें उसने अपनी पीड़ा साझा की।
जानकारी के अनुसार, सजल के बड़े भाई कनाडा में रहते हैं। जैसे ही उन्होंने सजल की इंस्टाग्राम पोस्ट देखी, उन्होंने तुरंत अपने पिता राहुल जोशी को जानकारी दी। राहुल अपने बेटे को बचाने दौड़े, लेकिन तब तक सजल ने गहरा कदम उठाकर अपनी जान दे दी। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना से परिवार पूरी तरह टूट गया है।
सजल ने अपने वीडियो में भावुकता से कहा कि उसने यह कदम अपने गंभीर हड्डियों के रोग और लगातार इलाज, इंजेक्शन और अस्पताल की परेशानियों के कारण उठाया। उसने बताया कि इस बीमारी ने उसका एक्टर बनने का सपना अधूरा छोड़ दिया और लगातार दर्द ने उसे मानसिक रूप से थका दिया। वीडियो में उसने माता-पिता से माफी मांगी और बताया कि वह अब और नहीं लड़ सकता।
सजल का स्वभाव सौम्य और पढ़ाई में तेज था। वह ऑनलाइन एमबीए की तैयारी कर रहा था और खेलों में, खासकर टेबल टेनिस में रुचि रखता था। पहले वह अपने यूट्यूब चैनल पर काफी सक्रिय था और 63 इन्फ़ॉर्मेटिव और एजुकेशनल वीडियो अपलोड किए थे, जिनके 8 हजार से अधिक सब्सक्राइबर थे। लेकिन बीमारी बढ़ने के बाद उसने वीडियो बनाना लगभग बंद कर दिया।
सजल के पिता राहुल जोशी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के जिला कार्यवाह हैं और उनकी मां गोपेश्वर कॉलेज में प्राध्यापक हैं। परिवार इस क्षति से सदमे में है।
पुलिस ने मृतक की पहचान की है और प्रारंभिक जांच में इसे आत्महत्या का मामला माना गया है। पुलिस ने घटना की पूरी छानबीन शुरू कर दी है। पार्षद शैलेंद्र दानू ने आशंका जताई कि आत्महत्या में प्रयुक्त चाकू संभवत ऑनलाइन मंगाया गया था।
सजल की कहानी ने यह याद दिला दिया कि कभी-कभी बाहरी सफलता और सपनों के बीच मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य की लड़ाई बहुत ही कठिन होती है। परिवार और समाज को युवाओं की मानसिक स्थिति पर संवेदनशील रहने की जरूरत है।
