नई दिल्ली| नई संसद के निर्माण पर सुप्रीम कोर्ट(Supreme Court) ने आज मुहर लगा दी है. सुप्रीम कोर्ट में प्रोजेक्ट को लेकर रिट पिटीशन दायर की गई थी. केंद्र सरकार देश के लिए नई संसद के निर्माण की तैयारी में है, जो अब दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र का पावर हाउस होगा. सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट(Central Vista Project) में एक कॉमन सैक्रेट्रिएट होगा और तीन किलोमीटर लंबा नव-निर्मित राजपथ. प्रोजेक्ट का निर्माण राष्ट्रपति भवन से लेकर इंडिया गेट तक किया जाएगा.
इससे पहले केंद्र सरकार ने इस मेगा प्लान पर फैसले से पहले रोक लगा दी थी. सुप्रीम कोर्ट ने सरकार की निर्माण कार्य शुरू होने की प्रेस रीलीज पर भी निराशा जताई थी.
क्या है सैंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट?
सैंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट की घोषणा सितंबर 2019 में की गई थी. इसके अंतर्गत भारत के लिए नई संसद का निर्माण होगा जिसमें लगभग 900 से लेकर 1200 तक सांसदों की बैठने की होगी. इसके निर्माण का लक्ष्य अगस्त 2022 तक रखा गया है, जब देश 75वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा होगा. नई संसद त्रिकोणीय आकार में बनाया जाएगा.
