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रुद्रपयाग के घेघड़खाल भरदार में सराहनीय पहल, बलि प्रथा पर लगी रोक

रुद्रप्रयाग। भरदार क्षेत्र के घेघड़खाल में ग्रामीणों के सामूहिक प्रयासों से बलि प्रथा पर रोक लग गई है। इस निमित्त यहां महर्षि अगस्त्य ऋषि के मंदिर में क्षेत्रपाल देवता के सकलीकरण के लिए पांच दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया गया।

धार्मिक अनुष्ठान में बतौर मुख्य अतिथि पहुँचे उत्तराखंड क्रांति दल(UKD) के युवा नेता मोहित डिमरी(Mohit Dimri) ने कहा कि घेघड़खाल की जनता ने बलि प्रथा पर रोक लगाकर एक अनुकरणीय पहल की है। इससे समाज मे एक अच्छा संदेश जाएगा। उन्होंने इसके लिए अगस्त्य ऋषि मंदिर समिति को बधाई दी।

  • डेढ़ दर्जन ग्राम पंचायतों को रुद्रप्रयाग तहसील में शामिल करने के लिए मुख्यमंत्री से करेंगे मुलाकात
  • भरदार क्षेत्र में पानी के लिये करेंगे आंदोलन : मोहित डिमरी, उत्तराखंड क्रांति दल

इस मौके पर युवा नेता मोहित डिमरी ने घेघड़खाल के साथ ही भरदार क्षेत्र की पेयजल समस्या पर भी बात रखी। उन्होंने कहा कि भरदार पेयजल योजना को स्वीकृत हुए 15 वर्ष का समय बीत गया है, लेकिन आज तक योजना का निर्माण पूरा नहीं हो पाया है। जल जीवन मिशन के तहत घर-घर में नल लग रहे हैं, लेकिन गांव के गांव प्यासे हैं। मोहित डिमरी ने कहा कि वह भरदार में पेयजल आपूर्ति के लिए जल्द एक बड़ा आंदोलन करने जा रहे हैं। उन्होंने बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं को भी रेखांकित किया और कहा कि स्वास्थ्य केन्द्र में डॉक्टर तो दूर एक एएनएम तक नहीं है।

मोहित डिमरी ने यह भी कहा कि पटवारी क्षेत्र कांडा, तुनेटा और तैला की डेढ़ दर्जन ग्राम पंचायतों के लिए जखोली तहसील दूर है। ग्रामीणों को बेहतर सुविधा देने के लिए ग्राम पंचायत घेघड़, क्वीला, कांडा, रतनपुर, जाखाल, डांगी, जखोली, सिलगांव, उदियानगांव, बैलोली, तुनेटा, लड़ियासु, सुमाड़ी, हरियाली, सेमा, शीशों, कंडाली, मवानगांव आदि ग्राम पंचायतों को रुद्रप्रयाग तहसील में शामिल करने की मांग प्रमुखता से उठाई जाएगी। इसके लिए मुख्यमंत्री और राजस्व सचिव से जल्द मुलाकात की जाएगी।

उन्होंने आम जनता से कहा कि वह अपनी वोट की ताकत नहीं समझ पा रहे हैं। भरदार के विकास के लिए जनता को एक होने की जरूरत है। इस मौके पर उत्तराखंड क्रांति दल युवा प्रकोष्ठ के प्रदेश महामंत्री सुबोध नौटियाल और जिला महामंत्री भगत चौहान ने कहा कि राज्य बने बीस वर्ष हो गए हैं और आज भी हम सड़क, पानी, शिक्षा, संचार, यातायात की समस्या से जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों की उदासीनता के कारण आज भरदार क्षेत्र उपेक्षित है।

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