देहरादून। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) ने भर्ती प्रक्रिया के अंतिम चरण में सख्ती दिखाते हुए प्रमाणपत्र सत्यापन में अनुपस्थित रहने वाले 204 अभ्यर्थियों को चयन प्रक्रिया से बाहर कर दिया है। ये अभ्यर्थी लिखित परीक्षा और टाइपिंग टेस्ट सफलतापूर्वक उत्तीर्ण कर चुके थे, लेकिन अंतिम और अनिवार्य चरण में उपस्थित न होने के कारण उनका दावा निरस्त कर दिया गया।
आयोग के सचिव डॉ. शिव कुमार बरनवाल ने बताया कि अभिलेख सत्यापन के लिए कुल 1141 अभ्यर्थियों को बुलाया गया था। निर्धारित तिथियों में 937 अभ्यर्थियों ने अपने प्रमाणपत्रों का सत्यापन कराया, जबकि 204 अभ्यर्थी बिना सूचना के अनुपस्थित रहे। नियमों के अनुसार अनुपस्थिति को गंभीर लापरवाही मानते हुए इन सभी को भर्ती से अयोग्य घोषित किया गया है।
इन पदों के लिए चल रही थी भर्ती
यह भर्ती विभिन्न विभागों में समूह-ग (Group-C) के अंतर्गत
डाटा एंट्री ऑपरेटर, कनिष्ठ सहायक, कंप्यूटर सहायक, स्वागती, मेट, कार्यपर्यवेक्षक एवं आवास निरीक्षक जैसे पदों के लिए आयोजित की गई थी।
इन पदों के लिए लिखित परीक्षा 19 जनवरी 2025 को कराई गई थी।
भर्ती प्रक्रिया की प्रमुख तिथियां
28 मार्च 2025: टाइपिंग टेस्ट की मेरिट सूची जारी
18 अगस्त से 5 सितंबर 2025: टाइपिंग टेस्ट आयोजित
27 नवंबर 2025: अभिलेख सत्यापन सूची जारी
1 दिसंबर 2025 से 1 जनवरी 2026: प्रमाणपत्र सत्यापन प्रक्रिया
अंतिम अवसर के बावजूद नहीं पहुंचे अभ्यर्थी
आयोग ने बताया कि अपरिहार्य कारणों से तय तिथि पर उपस्थित न हो पाने वाले अभ्यर्थियों को 1 जनवरी 2026 को अंतिम अवसर भी दिया गया था। इसके बावजूद 204 अभ्यर्थी सत्यापन के लिए नहीं पहुंचे, जिसके चलते उन्हें नियमों के तहत भर्ती प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया।
आयोग का सख्त रुख
यूकेएसएसएससी ने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि भर्ती प्रक्रिया के सभी चरण अनिवार्य हैं और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
