पिथौरागढ़: उत्तराखंड के सीमांत जनपद पिथौरागढ़ से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहां एक 12 वर्षीय बच्चे का शव घर के कमरे में फंदे से लटका हुआ मिला। घटना के बाद से परिजनों में कोहराम मचा हुआ है, जबकि पूरे क्षेत्र में शोक और स्तब्धता का माहौल है। प्रारंभिक जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच कर रही है।
पुलिस के अनुसार यह घटना 30 जनवरी की है। सुबह करीब 10 बजे बच्चे की बुआ अपने दोनों बच्चों के साथ किसी काम से बाहर गई थीं। उस समय बच्चा घर में अकेला था। स्कूल में अवकाश होने के कारण वह घर पर ही रह गया था। शाम करीब चार बजे जब बुआ घर लौटीं तो उन्होंने देखा कि कमरे का दरवाजा अंदर से बंद है। कई बार आवाज देने के बावजूद अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली, जिससे परिजनों को अनहोनी की आशंका हुई।
काफी प्रयासों के बाद बाहर लगे जालीदार दरवाजे की कुंडी तोड़कर जब परिजन अंदर पहुंचे, तो कमरे के भीतर बच्चे का शव फंदे से लटका मिला। यह दृश्य देखकर परिजन स्तब्ध रह गए। आनन-फानन में बच्चे को नीचे उतारा गया और पुलिस को सूचना दी गई, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
फर्नीचर के सहारे फंदा लगाने की आशंका
मौके की जांच में सामने आया है कि बच्चे ने कमरे में रखी टेबल और कुर्सी का इस्तेमाल कर फंदा लगाया हो सकता है। सूचना मिलने पर पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और साक्ष्य जुटाए। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, जिससे मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सके।
बताया गया है कि बच्चा पढ़ाई के लिए अपनी बुआ के पास रह रहा था। उसके पिता दिल्ली में निजी नौकरी करते हैं, जबकि मां गांव में रहती हैं, जो पिथौरागढ़ से लगभग 15 किलोमीटर दूर है। बुआ के पति सेना में कार्यरत हैं और उनके दोनों बच्चे बाहर पढ़ाई करते हैं, जो इन दिनों छुट्टियों में घर आए हुए थे।
कोतवाल पिथौरागढ़ ललित मोहन जोशी ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू से जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों से पूछताछ के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बच्चे ने ऐसा कदम क्यों उठाया।
