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AMRUT 2.0 के तहत जल संरक्षण योजनाओं को मंजूरी, कई शहरों में रिचार्ज शाफ्ट व तालाबों के होंगे नवीनीकरण

देहरादून: मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में AMRUT 2.0 के अंतर्गत गठित हाई पावर कमेटी की बैठक में शहरी क्षेत्रों में जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन और भू-जल पुनर्भरण को मजबूत बनाने से जुड़ी विभिन्न योजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक में कई जिलों में जल प्रबंधन से संबंधित परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में लघु सिंचाई विभाग नैनीताल की ओर से हल्द्वानी और नैनीताल क्षेत्र में जल पुनर्भरण संरचनाओं के विकास और पार्कों के सौंदर्याकरण से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इसके तहत हरिहर कॉलोनी और विश्वविद्यालय क्षेत्र हल्द्वानी, उषा रूपक कॉलोनी नैनीताल तथा सुदर्शन कॉलोनी हल्द्वानी में जल पुनर्भरण संरचनाओं का निर्माण और पार्कों का सौंदर्याकरण किया जाएगा।

इसी प्रकार लघु सिंचाई विभाग हरिद्वार की योजनाओं के अंतर्गत बहादराबाद क्षेत्र में वर्षा जल संचयन के लिए रिचार्ज शाफ्ट स्थापित किए जाएंगे। साथ ही शिवालिक नगर स्थित रामधाम कॉलोनी पार्क में संचयनित वर्षा जल के माध्यम से भू-जल पुनर्भरण के लिए रिचार्ज शाफ्ट का निर्माण तथा नगर निगम हरिद्वार के राजलोक कॉलोनी पार्क में भी भू-जल रिचार्ज से संबंधित कार्य किए जाएंगे।

बैठक में नगर पंचायत इमलीखेड़ा (हरिद्वार) के रांगड़वाला क्षेत्र में स्थित तालाब के नवीनीकरण की योजना को भी स्वीकृति दी गई। इसके अलावा लघु सिंचाई विभाग देहरादून की ओर से नवादा क्षेत्र में तालाब के नवीनीकरण और रिचार्ज शाफ्ट निर्माण के साथ ही डिफेंस कॉलोनी में रिचार्ज शाफ्ट निर्माण की परियोजनाओं को भी मंजूरी प्रदान की गई।

बैठक में AMRUT 1.0 के अंतर्गत पहले से स्वीकृत परियोजनाओं में हुई लगभग 39.82 करोड़ रुपये की बचत राशि के उपयोग पर भी निर्णय लिया गया। इस राशि से रुद्रपुर और काशीपुर नगर क्षेत्रों में वाटर मीटर स्थापित किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई, जिससे शहरी जल प्रबंधन व्यवस्था को अधिक प्रभावी और आधुनिक बनाया जा सकेगा।

मुख्य सचिव ने कहा कि इन योजनाओं के क्रियान्वयन से वर्षा जल संचयन को बढ़ावा मिलेगा और भू-जल स्तर में सुधार आएगा। उन्होंने संबंधित विभागों को सभी परियोजनाओं को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने के निर्देश भी दिए।

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