देहरादून: उत्तराखंड कैबिनेट की बैठक में वन विभाग से जुड़े कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। इन फैसलों के बाद वन दरोगा, वन आरक्षी और सांख्यिकीय अधिकारी जैसे पदों की भर्ती प्रक्रिया में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिलेंगे। सरकार का उद्देश्य विभाग में कार्यकुशलता बढ़ाना और भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाना है।
वन दरोगा के लिए बढ़ी शैक्षणिक योग्यता
अब तक वन दरोगा पद के लिए न्यूनतम योग्यता 12वीं (इंटरमीडिएट) थी, लेकिन नए फैसले के बाद इसे बढ़ाकर स्नातक (ग्रेजुएशन) कर दिया गया है। लंबे समय से इस बदलाव की मांग की जा रही थी। सरकार का मानना है कि इससे विभाग में अधिक योग्य और सक्षम उम्मीदवारों की भर्ती होगी, जिससे वन संरक्षण और प्रबंधन के कार्य बेहतर ढंग से किए जा सकेंगे।
आयु सीमा भी की गई निर्धारित
कैबिनेट ने वन दरोगा और वन आरक्षी पदों के लिए आयु सीमा को भी स्पष्ट कर दिया है:
- वन दरोगा: 21 से 35 वर्ष
- वन आरक्षी: 18 से 25 वर्ष
इस कदम से भर्ती प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित होगी और युवाओं को समान अवसर मिलने की उम्मीद है।
सांख्यिकीय सेवा में भी सुधार
वन विभाग की सांख्यिकीय सेवा नियमावली में भी संशोधन किया गया है। लंबे समय से खाली पड़े सांख्यिकीय अधिकारियों के पदों पर सीधी भर्ती के लिए नियमों को स्पष्ट किया गया है। पहले शैक्षणिक योग्यता और तकनीकी अनुभव को लेकर जो भ्रम था, उसे अब दूर करने का प्रयास किया गया है।
क्या होगा फायदा?
इन बदलावों से:
- विभाग में पेशेवर दक्षता बढ़ेगी
- योग्य उम्मीदवारों को अवसर मिलेगा
- वन संरक्षण कार्यों में सुधार होगा
- भर्ती प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और संतुलित बनेगी
सरकार के इस फैसले को वन विभाग में एक बड़े सुधार के रूप में देखा जा रहा है, जिससे भविष्य में बेहतर प्रशासन और संसाधनों के प्रबंधन की उम्मीद की जा रही है।
