कोलंबो: टी20 विश्व कप में एक और बड़ा उलटफेर देखने को मिला जब जिम्बाब्वे ने दमदार खेल दिखाते हुए श्रीलंका को छह विकेट से मात दी। इस जीत के साथ जिम्बाब्वे ने न सिर्फ सुपर आठ में जगह पक्की की, बल्कि ग्रुप चरण में अपराजेय रहते हुए शीर्ष स्थान भी हासिल किया।
बेनेट–रजा की साझेदारी बनी जीत की नींव
179 रन के चुनौतीपूर्ण लक्ष्य का पीछा करते हुए जिम्बाब्वे ने 19.3 ओवर में चार विकेट पर 182 रन बनाकर मुकाबला अपने नाम कर लिया। ब्रायन बेनेट ने 48 गेंदों में 63 रन की संयमित पारी खेली, जबकि कप्तान सिकंदर रजा ने 26 गेंदों में 45 रन बनाकर टीम को जीत की दहलीज तक पहुंचाया।
पावरप्ले में ही टीम ने बिना विकेट गंवाए 55 रन जोड़कर जीत की मजबूत आधारशिला रख दी थी। बेनेट और ताड़ी मारूमानी (34) ने पहले विकेट के लिए 69 रन जोड़े। इसके बाद रियान बर्ल ने तेज 23 रन बनाकर रनगति को बनाए रखा। आखिरी ओवर में जब आठ रन की जरूरत थी, तब टोनी मुनियोंगा ने महीष तीक्षणा पर छक्का जड़कर जीत की औपचारिकता पूरी कर दी।
श्रीलंका की अच्छी शुरुआत, लेकिन बीच के ओवर पड़े भारी
इससे पहले श्रीलंका ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए सात विकेट पर 178 रन बनाए। पाथुम निसांका ने 62 रन की शानदार पारी खेली, जबकि कुसल परेरा ने तेज शुरुआत दी। दोनों ने पहले पांच ओवर में 50 से अधिक रन जोड़ दिए थे।
हालांकि, जिम्बाब्वे के स्पिन आक्रमण ने बीच के ओवरों में रनगति पर लगाम लगा दी। सिकंदर रजा, ग्रीम क्रेमर और वेलिंगटन मसाकाजा की कसी हुई गेंदबाजी ने मेजबान बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया।
पवन रत्नायके की 44 रन की उपयोगी पारी के दम पर श्रीलंका अंतिम ओवरों में स्कोर 178 तक ले जा सका, लेकिन यह कुल योग बचाने के लिए नाकाफी साबित हुआ।
ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम को पहले ही हराकर जिम्बाब्वे ने अपने इरादे साफ कर दिए थे। अब श्रीलंका पर जीत के साथ उसने यह साबित कर दिया कि वह इस टूर्नामेंट में किसी भी टीम को चुनौती देने का दम रखता है।
