- कोरोना काल में कई लोगों के लिए जरूरी दवाइयां पहुंचाकर बचाई जिंदगियां
- देहरादून से शुरू हुआ अभियान पहाड़ी जिलों के अलावा चंढीगढ़, लुधियाना तक पहुंचा.
- फायरमैन मनीष प्रसाद पंत ने अपने निजी खर्चे से जरूरतमंदों तक पहुंचाई दवाईयां.
देहरादून| जब हौंसले बुलंद हों और नीयत पाक-साफ हो तो इंसान को मिसाल बनने में देर नहीं लगती. ऐसा ही एक किस्सा है फायर स्टेशन देहरादून(Fire Station DEehradun) में नियुक्त फायरमैन मनीष प्रसाद पंत(Fireman Manish Prasad Pant) का. फायरमैन मनीष को कोरोना मनहामारी(Corona Pandemic) के दौरान लगे लॉकडाउन(Lockdown) के दौरान विशेष सेवाओं के लिए राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया है. शुक्रवार को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून ने पंत को पुलिस कार्यालय में भेंट कर उन्हें अपनी शुभकामनाएं दी.
फायरमैन से कोरोना वॉरियर(Corona Warrior) बने पंत ने पिछले साल जनता कर्फ्यू के दौरान देहरादून में रहने वाली एक महिला तक इमरजेंसी में बीपी की दवाइयां पहुंचाई तो उन्हें लगा न जाने ऐसे कितने ही लोग हैं जिन्हें इस दौरान जीवन रक्षा करने वाली दवाइयों की जरूरत पड़ेगी. इसके बाद हर इलाके में दवाइयों की सप्लाई कंफर्म कराने के लिए पंत ने व्यक्तिगत स्तर पर ऑपरेशन संजीवनी शुरू किया. ऑपरेशन संजीवनी के तहत उन्होंने फेसबुक पर पोस्ट डाली कि जिन्हें दवाइयों की जरूरत है, वे लोग उन्हें मैसेज कर सहायता मांग सकते हैं. फेसबुक पोस्ट वायरल हो जाने के बाद उनके पास लगातार दवाइयों की सहायता के लिए मैसेज आने लगे. देहरादून के अलावा जब पहाड़ी क्षेत्रों से भी मदद के लिए मैसेज आने लगे तो अधिकारियों से अनुमति लेकर सरकारी वाहनों से दवाइयों की सप्लाइ शुरू की गई.
इस दौरान शुरू में मनीष ने अपने ही रुपयों से दवाइयां खरीदीं, जिसके चलते वो अपनी एलआईसी और यूलिप पॉलिसी की किश्तें भी नहीं भर पाए. इसी दौरान उनकी शादी भी तय हुई थी जिसे उन्होंने अपने समाज सेवा के लक्ष्य के लिए आगे टाल दिया. पांच बार इमरजेंसी में अपनी प्राइवेट गाड़ी से भी उन्हेंने डायलिसिस के मरीजों को हॉस्पिटल पहुंचाया.
धीरे-धीरे अभियान में अन्य लोंगो का भी सहयोग लिया गया. फायरमैन मनीष प्रसाद द्वारा निजी प्रयासों से देहरादून एवं उत्तराखण्ड के अतिरिक्त अपने मित्रों के सहयोग के माध्यम से चंढीगढ़, लुधियाना जैसे स्थानों पर किराये में रह रहे 20 लोगों तक निजी खर्चे से राशन पहुंचाया गया.
पूरे कोरोना काल के दौरान जनता कर्प्यू के दिन से लेकर मनीष पंत ने तब तक छुट्टी नहीं ली जब तक सार्वजनिक वाहन चलने शुरू नहीं हो गए. तमाम विषम परिस्थितियों के बावजूद मनीष व्यक्तिगत तौर पर इस नेक काम में जुटे रहे. उनके कार्य की सराहना करते हुए आज विभिन्न माध्यमों से उनके द्वारा खर्च की गई धनराशि वापस प्राप्त हो गई है. मीडिया ने मनीष को मैडिसिन मैन की भी संज्ञा दी है. भारत सरकार द्वारा भी ट्विटर के माध्यम से इस कार्य की सराहना की गई है. फायरमैन मनीश पन्त को राष्ट्रीय स्तर पर राइज इण्डिया अवार्ड मिल चुका है एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर “शाइनिंग वर्ल्ड केयर अवार्ड ” से सम्मानित किया गया है.
