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देहरादून में आफत की बारिश से हाहाकार, सहस्त्रधारा में दुकानें बहीं, ऋषिनगर पुल क्षतिग्रस्त, कई लोग लापता, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी!

भारी वर्षा से देहरादून और आसपास के इलाकों में तबाही, प्रशासन अलर्ट, रेस्क्यू–रिलीफ ऑपरेशन जारी

देहरादून: राजधानी देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में मूसलधार बारिश ने फिर कहर बरपाया। देर रात हुई भारी वर्षा ने सहस्त्रधारा और उसके आस-पास के इलाकों में तबाही मचाई। अचानक आई बाढ़ जैसे हालातों ने सहस्त्रधारा के बाजार को तबाह कर दिया, जहां कई दुकानें तेज बहाव में बह गईं। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन ने रेस्क्यू और रिलीफ ऑपरेशन शुरू कर दिया। फिलहाल दो लोग लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें कर रही हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी खुद प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचे और हालात का जायजा लिया। उन्होंने मालदेवता और केसरवाला समेत कई जगहों का निरीक्षण किया और प्रशासन को हर संभव सहायता और तेज कार्रवाई के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को भी स्थिति की जानकारी दी।

डीएम सविन बंसल ने रात में ही मोर्चा संभाला और राहत-बचाव कार्यों का नेतृत्व किया। उनके निर्देश पर एसडीएम कुमकुम जोशी घटनास्थल पर पहुंचीं और लोगों को रात में ही सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कराया गया। एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और लोनिवि की टीमें जेसीबी और अन्य उपकरणों के साथ रेस्क्यू अभियान में जुटी हुई हैं।

सहस्त्रधारा रोड को डीएल रोड से जोड़ने वाला ऋषिनगर पुल भी बारिश की मार से बुरी तरह प्रभावित हुआ। रिस्पना नदी के तेज बहाव ने पुल के पास सड़क का पुश्ता तोड़ डाला और आसपास के घरों को खतरे में डाल दिया। नदी के किनारे बना एक मकान पूरी तरह ढह गया, जबकि अब मकानों और नदी के बीच की दूरी मात्र तीन मीटर रह गई है। पुल के पास स्थित ऑटो सर्विस सेंटर में खड़ी चार बाइकें, दो मुर्गे के जाल और गैस सिलेंडर पानी में बह गए। यहां तक कि पास की मछली की दुकान भी नदी की लहरों में समा गई। भारी बारिश से ऊर्जा निगम का एक ट्रांसफार्मर भी गिर पड़ा। सुरक्षा को देखते हुए पुलिस ने ऋषिनगर पुल पर यातायात रोक दिया है।

देहरादून के डोईवाला क्षेत्र में भी हालात बिगड़ते जा रहे हैं। जाखन नदी रौद्र रूप में बह रही है और रानीपोखरी व माजरी ग्रांट में पुलों के ऊपर से पानी गुजर रहा है। सोंग और सुसवा नदी का जलस्तर भी खतरनाक स्तर पर है। प्रेमनगर में देवभूमि कॉलेज के पास जलभराव की स्थिति बनी रही, जहां तीन लोग पानी में फंस गए थे। राहतकर्मियों ने उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला।

टपकेश्वर मंदिर भी बाढ़ की चपेट में आने से बच नहीं पाया। यहां बहने वाली तमसा नदी उफान पर है और पानी मंदिर की सीढ़ियों तक पहुंच गया है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है।

देहरादून के अलावा टिहरी जिले में भी बारिश ने हाहाकार मचाया है। कई जगहों पर सड़कें टूट गईं और ग्रामीण इलाकों में लोगों के घरों को नुकसान पहुंचा है। लगातार हो रही तेज बारिश से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो चुका है।

मौसम विभाग ने उत्तराखंड के कई जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है। उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, हरिद्वार और पौड़ी गढ़वाल में भारी से बहुत भारी वर्षा के साथ गरज-तूफान की संभावना जताई गई है। मसूरी, ऋषिकेश, बदरीनाथ, कर्णप्रयाग और देवप्रयाग जैसे क्षेत्रों में भी लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

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