बिहार चुनाव से पहले राजनीतिक हलचल तेज, पवन सिंह की पत्नी ज्योति सिंह की प्रशांत किशोर से मुलाकात ने बढ़ाई अटकलें
पटना: बिहार विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। भोजपुरी फिल्मों के पावर स्टार और भाजपा नेता पवन सिंह की पत्नी ज्योति सिंह अचानक जन सुराज के संयोजक और चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर से मिलने शेखपुरा हाउस पहुंचीं। इस अप्रत्याशित मुलाकात ने राजनीतिक गलियारों में चर्चा का बाजार गर्म कर दिया है।
जन सुराज कार्यालय में ज्योति सिंह और पार्टी के नेताओं के बीच मुलाकात करीब आधे घंटे तक चली। इसके बाद बाहर मीडिया के सामने आने पर कयास लगाए जाने लगे कि ज्योति सिंह संभवतः आगामी विधानसभा चुनाव में टिकट को लेकर बातचीत करने आई हैं। लेकिन खुद ज्योति सिंह ने इन अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया।
‘मैं टिकट के लिए नहीं आई हूं’ — ज्योति सिंह
प्रशांत किशोर से मुलाकात के बाद ज्योति सिंह ने मीडिया से कहा-
> “मैं यहां चुनाव लड़ने या टिकट मांगने नहीं आई हूं। मेरे साथ जो अन्याय हुआ है, वह किसी और महिला के साथ न हो, बस इसी उद्देश्य से मैं यहां आई हूं। मैं उन तमाम महिलाओं की आवाज बनना चाहती हूं जो अन्याय का सामना कर रही हैं।”
ज्योति सिंह ने साफ किया कि उनकी मुलाकात किसी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा नहीं है, बल्कि एक सामाजिक पहल है जिसके ज़रिए वे अपने व्यक्तिगत अनुभव को व्यापक महिला हितों से जोड़ना चाहती हैं।
प्रशांत किशोर ने कही ये बात
जन सुराज के संयोजक प्रशांत किशोर ने भी स्पष्ट किया कि यह मुलाकात राजनीतिक नहीं बल्कि सामाजिक प्रकृति की थी। उन्होंने कहा,
> “ज्योति सिंह बिहार की महिला के तौर पर यहां आई थीं। इन्होंने चुनाव लड़ने की कोई बात नहीं की। इन्होंने अपने साथ हुए अन्याय की बात रखी। जन सुराज किसी पारिवारिक विवाद में दखल नहीं देगा, लेकिन सुरक्षा और न्याय के मामले में पार्टी पूरी तरह से इनके साथ खड़ी रहेगी।”
उन्होंने आगे कहा कि बिहार में यदि किसी महिला या नागरिक को लगता है कि जन सुराज से अपनी बात रखने से उसे मदद मिल सकती है, तो वे हमेशा बातचीत के लिए तैयार हैं।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज
हालांकि दोनों पक्षों ने मुलाकात को सामाजिक बताया, लेकिन चुनावी माहौल में इस मुलाकात के राजनीतिक निहितार्थ निकाले जा रहे हैं। भाजपा नेता पवन सिंह और उनकी पत्नी ज्योति सिंह के बीच चल रहे विवाद पहले से सुर्खियों में हैं। ऐसे में ज्योति सिंह का प्रशांत किशोर से मिलना राजनीतिक तौर पर एक संकेत माना जा रहा है कि बिहार में महिलाओं के मुद्दों को लेकर जन सुराज सक्रिय भूमिका निभा सकता है।
प्रशांत किशोर पहले ही राज्य में जन सुराज अभियान के माध्यम से सामाजिक और राजनीतिक दोनों मोर्चों पर जनता से जुड़ाव बढ़ाने में जुटे हैं। ज्योति सिंह जैसी चर्चित हस्तियों की उपस्थिति पार्टी के जनाधार को महिला वर्ग में मज़बूती दे सकती है।
बिहार में जैसे-जैसे चुनाव नज़दीक आ रहे हैं, वैसे-वैसे बड़े नेताओं से लेकर क्षेत्रीय चेहरों तक की हर गतिविधि पर नज़र रखी जा रही है। ज्योति सिंह और प्रशांत किशोर की यह मुलाकात भी आने वाले दिनों में नई राजनीतिक हलचलों का संकेत दे सकती है।
