TEENAGER ENDS LIFE IN BENGAL.
कोलकाता/ पूर्व मिदनापुर : यह सच है कि समाज में कई प्रकार के नकारात्मक प्रभाव और समस्याएं बढ़ रही हैं, जो विशेष रूप से बच्चों को प्रभावित कर रही हैं। एक जहर जो धीरे धीरे समाज में सबसे ज्यादा फैल रहा है। न जाने इसमें कितने लोगों की जिंदगी तबाह कर दिया है। आए दिन देश- दुनिया में ऐसे ही मामले सामने आते हैं। कोलकाला के पूर्व मेदिनीपुर जिले के पांशकुंडा इलाके का भी एक ऐसे ही मामला सामने आया है। जिसको देखकर सभी हैरान हो गए। यहां एक सातवीं कछा के छात्र ने झूठे इल्जाम से आहट होकर आत्महत्या कर ली।
कोलकाता से 132 किलोमीटर दूर, पूर्व मेदिनीपुर जिले के पांशकुड़ा इलाके में एक दुःखद घटना ने समूचे क्षेत्र को झकझोर दिया है। एक सातवीं कक्षा के छात्र ने आत्महत्या कर ली, जब एक सिविक वालंटियर ने उसके खिलाफ चिप्स चुराने का गलत आरोप लगाया और सार्वजनिक रूप से उसकी बेइज्जती की।
परिजनों के अनुसार, छात्र ने एक सुसाइड नोट में लिखा, “माँ, मैंने चिप्स चोरी नहीं की थी, बल्कि रास्ते में एक पैकेट उठा लिया था।” यह घटना तब हुई जब छात्र ने बाजार में चिप्स खरीदने की कोशिश की, लेकिन दुकान पर चिप्स उपलब्ध नहीं थे। इस बीच, एक सिविक वालंटियर ने उसे पकड़ लिया, कान पकड़कर उठक-बैठक करने को मजबूर किया और उसके साथ मारपीट की।
परिवार का कहना है कि छात्र ने केमिकल युक्त पदार्थ खाया और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। स्थानीय लोग इस घटना पर गुस्से में हैं और आरोपी सिविक वालंटियर शुभंकर दीक्षित के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है, लेकिन परिवार का आरोप है कि अब तक आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया है।
