“सम्मान दो, सुरक्षा दो, जीने लायक वेतन दो”, भोजन माताओं का लक्सर में आंदोलन.
लक्सर में भोजन माताओं का जोरदार प्रदर्शन, 10 सूत्रीय मांगों के साथ जीने लायक वेतन और सम्मान की उठाई मांग.
लक्सर (हरिद्वार): “₹3000 में घर नहीं चलता सरकार!”-यह हुंकार मंगलवार को लक्सर तहसील परिसर में गूंजती रही, जब खानपुर और लक्सर ब्लॉक की सैकड़ों भोजन माताएं अपनी समस्याओं को लेकर सड़कों पर उतरीं। राष्ट्रीय मध्याह्न भोजन रसोइया एकता मंच (ट्रस्ट) के बैनर तले हुए इस धरना-प्रदर्शन में महिलाओं ने सरकार से मानदेय बढ़ाने, सुरक्षा और सामाजिक सम्मान की मांग की। प्रदर्शन के पश्चात महिलाओं ने एसडीएम लक्सर को 10 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा, जिसमें उन्हें मजदूरी नहीं बल्कि सम्मानजनक वेतन देने की मांग प्रमुख थी।
राष्ट्रीय अध्यक्ष काजल कटारिया ने कहा, “प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में तैनात भोजन माताओं को ₹3000 मासिक मानदेय दिया जा रहा है, जो मौजूदा महंगाई में किसी भी महिला के लिए अपमानजनक और अमानवीय है। इसके अलावा, उनसे खाना पकाने के साथ-साथ झाड़ू लगवाना, शौचालय साफ करवाना और घास कटवाने जैसे काम भी लिए जा रहे हैं।”

प्रमुख मांगे:
1: मानदेय ₹10,000 प्रतिमाह किया जाए
2: दुर्घटना की स्थिति में बीमा और इलाज की सुविधा
3: जून की छुट्टियों का पूरा भुगतान
4: निष्कासित रसोइयों की बहाली
5: 60 वर्ष के बाद पेंशन की गारंटी
6: राजनीतिक या सामाजिक दबाव में नौकरी से न हटाया जाए
काजल कटारिया ने चेताया कि यदि मांगें जल्द नहीं मानी गईं तो आंदोलन को राज्यव्यापी रूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा, “भोजन माताएं सिर्फ रसोई नहीं संभालतीं, वे देश का भविष्य तैयार कर रही हैं।”
