नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) छात्रवृत्ति योजना के नाम पर कथित घोटाला और छात्राओं से यौन उत्पीड़न जैसे गंभीर आरोपों में घिरे स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती उर्फ पार्थ सारथी को पुलिस ने देर रात आगरा से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस टीम आरोपी को लेकर दिल्ली रवाना हो चुकी है। रविवार को उन्हें अदालत में पेश किया जाएगा।
ट्रस्ट के खाते और करोड़ों रुपये फ्रीज
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी के ट्रस्ट से जुड़े 18 बैंक खाते और 28 फिक्स डिपॉजिट खाते सीज कर दिए। इन खातों में करीब आठ करोड़ रुपये मौजूद थे। पुलिस ने उनके सभी डेबिट और क्रेडिट कार्ड को भी बंद करवा दिया है।
कोर्ट ने खारिज की थी अग्रिम जमानत
शुक्रवार को पटियाला हाउस कोर्ट ने बाबा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। अदालत ने कहा था कि आरोप गंभीर हैं और जांच शुरुआती दौर में है। अदालत ने साफ कहा कि आरोपी से हिरासत में पूछताछ बेहद जरूरी है, क्योंकि वह अपने दिए पते पर नहीं मिला और उसका फोन भी बंद था।
कैसे शुरू हुआ मामला
मामला दिल्ली के वसंत कुंज स्थित एक आश्रम से जुड़ा है। 4 अगस्त को संस्थान के प्रशासक ने शिकायत दर्ज कराई थी कि स्वामी ने EWS छात्रवृत्ति योजना के तहत PGDM कोर्स कर रही छात्राओं से यौन उत्पीड़न और छेड़छाड़ की।
छात्राओं के गंभीर आरोप
पुलिस अब तक 32 छात्राओं के बयान दर्ज कर चुकी है। इनमें से 17 छात्राओं ने साफ तौर पर आरोप लगाया कि आरोपी ने अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया, अश्लील मैसेज भेजे और अवांछित शारीरिक संपर्क किया।
महिला प्रशासक पर भी आरोप
छात्राओं ने यह भी कहा कि संस्थान में काम करने वाली कुछ महिला फैकल्टी और प्रशासक उन्हें आरोपी की मांगें पूरी करने के लिए दबाव डालती थीं।
पीड़िताओं को मिली राहत
पुलिस की इस कार्रवाई को पीड़ित छात्राओं के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। अब अदालत में पेशी के बाद आरोपी से कड़ी पूछताछ की जाएगी, जिससे घोटाले और यौन उत्पीड़न मामले की परतें खुलने की उम्मीद है।
