दुबई: दुबई के आईसीसी अकादमी ग्राउंड में खेला गया अंडर-19 एशिया कप का भारत का पहला मुकाबला युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के नाम रहा। मुश्किल हालातों में ओपनिंग करने उतरे वैभव ने ऐसा तूफान मचाया कि पूरा मैदान उनके शॉट्स के शोर से गूंज उठा।
यूएई के कप्तान यायिन राय ने टॉस जीतकर गेंदबाजी का फैसला तो जरूर किया, लेकिन शुरुआत से ही वैभव ने उनके गेंदबाजों को कोई मौका नहीं दिया। क्रीज पर पैर जमाते ही उन्होंने गेंद को हवा में उछालकर अपना इरादा साफ कर दिया।
सिर्फ 30 गेंदों पर फिफ्टी, फिर 56 गेंदों पर शतक—और देखते ही देखते वैभव UAE के गेंदबाजों पर कहर बनकर टूट पड़े। चौकों-छक्कों की बरसात करते हुए उन्होंने महज 95 गेंदों पर 171 रन ठोक डाले। उनकी पारी में 14 छक्के और 9 चौके शामिल रहे, जो उनकी आक्रामक बल्लेबाजी का साफ सबूत थे। यह सिर्फ एक पारी नहीं, बल्कि वैभव की लगातार बढ़ती परिपक्वता और कम उम्र में भी बड़े मंच पर उनकी निडरता का प्रमाण थी। महज 14 साल के इस बल्लेबाज ने एक बार फिर दिखा दिया कि वह भारतीय क्रिकेट का भविष्य है।

10 दिनों में दूसरा शतक
वैभव की यह पारी पिछले कुछ समय से चल रही उनकी शानदार लय का ही विस्तार थी। 2 दिसंबर को खेले गए मैच में भी वह बिहार की ओर से महाराष्ट्र के खिलाफ नाबाद 108 रन बनाकर लौटे थे।
राइजिंग स्टार टूर्नामेंट में भी जमकर चमके थे
इससे पहले एशिया कप राइजिंग स्टार्स टूर्नामेंट में भी उन्होंने यूएई के खिलाफ 42 गेंदों पर 144 रन बनाकर सबको चौंकाया था। उस पूरे टूर्नामेंट में उन्होंने 4 मैचों में 239 रन जुटाए थे।
कप्तान आयुष म्हात्रे हालांकि इस मैच में कुछ खास नहीं कर सके और सिर्फ 4 रन बनाकर पवेलियन लौट गए, लेकिन एरॉन जॉर्ज और विहान मल्होत्रा ने 69-69 रन बनाकर टीम को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई।
मैदान में मौजूद दर्शकों ने वैभव की हर बड़ी हिट पर तालियों से स्वागत किया। जैसे-जैसे उनकी पारी आगे बढ़ती गई, भारतीय ड्रेसिंग रूम में भी उत्साह का माहौल बनता चला गया। मुकाबले के बाद कोचिंग स्टाफ ने भी उनकी तारीफ करते हुए कहा कि वैभव भविष्य में भारतीय क्रिकेट के लिए बड़ा नाम बनने की क्षमता रखते हैं।
