तहसील चांदपुर के जलीलपुर क्षेत्र में दर्जनों गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। पहाड़ी और मैदानी इलाकों में लगातार हुई बारिश से नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। जिला बिजनौर में करीब 48 घंटों तक लगातार मूसलाधार बारिश हुई जबकि पहाड़ों पर भी लगातार बारिश का सामना करना पड़ा। इससे गंगा का जलस्तर 70 हजार क्यूसेक से पौने दो लाख क्यूसेक पहुंच गया जबकि गंगा खतरे के निशान से मात्र दस सेंटीमीटर दूर रह गई थी। गंगा का जलस्तर बढ़ने से जलीलपुर क्षेत्र की पांडव नगर पुलिस चौकी के पास पानी पहुंच गया। गांव रायपुर खादर और मीरापुर सीकरी में पानी तक भर गया जबकि जलालपुर, सलेमपुर, दत्तियाना, नारनौर, धीवरपुरा, सुजातपुर खादर व जमालुद्दीनपुर आदि गांवों के खेतों में पानी भर गया जिससे किसानों की फसलें पूरी तरह जलमग्न हो गई है। किसानों के पास पशुओं के लिए चारे का संकट उत्पन्न हो गया है। पिछले कई सालों से खादर क्षेत्र के किसानों की फसलें बाढ़ से नष्ट हो रही थी, जिससे खादर क्षेत्र के किसानों को बड़े स्तर पर आर्थिक हानि हुई थी। सरकार द्वारा दिया गया मुआवजा किसानों के लिए ऊंट के मुंह में जीरा साबित हुआ। उसमें भी बहुत से किसान ऐसे हैं, जिन्हें सरकार की तरफ से कोई भी मुआवजा नहीं मिला। अब देखना यह होगा कि इस बार आए बाढ़ के पानी से किसानों की फसलों के नुकसान की भरपाई सरकार किस प्रकार कर पाती है।
