- WhatsApp ने की थी प्राइवेसी पॉलिसी बदलने की घोषणा
- सुप्रीम कोर्ट ने कहा – लोगों की निजता कंपनी से ज्यादा कीमती
नई दिल्ली। मैसेजिंग ऐप WhatsApp की नई प्राइवेसी पॉलिसी (Privacy Policy) को लेकर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ( Supreme Court) ने एक अहम टिप्पणी करते हुए कहा कि हो सकता है कि आप 2-3 ट्रिलियन की कंपनी हों, लेकिन लोगों की निजता इससे कहीं ज्यादा कीमती है.
सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करते हुए फेसबुक और Whatsapp को नोटिस जारी किया है। नोटिस (Court Notice) जारी करते हुए WhatsApp से उसकी नई प्राइवेसी नीति को चुनौती देने वाली याचिका (Petition) पर प्रतिक्रिया मांगी गई है, जिसे भारत में इस साल जनवरी में लागू किया गया था. अब इस मामले पर चार सप्ताह बाद दोबारा सुनवाई होगी.
सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि लोगों को भारी आशंका है कि उनकी प्राइवेसी खतरे में है और उनकी सुरक्षा करना हमारा कर्तव्य है. याचिका में कहा गया कि WhatsApp ने यूरोप (Europe) और भारत (India) के लिए अलग पैमाने अपनाए हैं। इसपर Whatsapp ने सुप्रीम कोर्ट में कहा, ‘यूरोप में निजता पर विशेष कानून (Special Act) है, अगर भारत में भी इसी तरह की कानून है तो इसका पालन करेंगे.’
WhatsApp की नई पॉलिसी को लेकर देश में खासा बवाल मचा हुआ है. कंपनी ने फिलहाल पॉलिसी पर रोक लगा रखी है और कंपनी का मानना है कि इससे लोगों को समझने में आसानी होगी. WhatsApp की नई पॉलिसी को लेकर पहले ही दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi High Court) में सुनवाई चल रही है. पहली सुनवाई में दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा थ कि WhatsApp एक प्राइवेट मैसेजिंग ऐप (Messaging App) है और यदि इससे आपकी निजता भंग होती है कि आप इस ऐप को डिलीट कर दें. आप जिस ऐप पर भरोसा करते हैं उस ऐप का इस्तेमाल कर सकते हैं।
