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Ayodhya: हजारों दीपमालाओं से जगमग हुए सरयू घाट, धरा से लेकर नभ तक फैली रामनगरी की आभा

दीपावली पर रामनगरी अयोध्या भगवान श्रीराम के स्वागत में भव्य-नव्य रूप लिए है। रामनगरी में सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ पहुंचे। सबसे पहले सीएम योगी रामकथा पार्क पहुंचे। यहां उन्होंने रामायण कालीन प्रसंगों पर आधारित निकाली जा रही शोभायात्रा की अगवानी की। मुख्यमंत्री के साथ केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक समेत अन्य नेता मौजूद रहे। वहीं दूसरी तरफ 500 वर्षों बाद बालक राम के भव्य मंदिर में विराजने के बाद से अयोध्यावासी खुशी से सराबोर दिखे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में इस बार एक और बड़ा रिकॉर्ड बना। यह रिकॉर्ड सरयू तट पर महाआरती का है। शाम को सरयू आरती में 1121 अर्चक और बटुक मौजूद रहे। सभी बटुक एक ही वेशभूषा में नजर आए। 15 मिनट तक होने वाली आरती में इतनी संख्या में बटुकों का जुटना, गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड बना।

शाम को राम की पैड़ी पर दीपों को जगमग करने का काम शुरू हुआ। । करीब 55 घाटों पर 25 लाख 12 हजार 585 दीप जले। इन्हें प्रज्ज्वलित करने की जिम्मेदारी अवध विश्वविद्यालय के 30 हजार वॉलंटियर्स को दी गई। शाम तक सभी दीए जले। इसके बाद गिनीज बुक की टीम ने ड्रोन से गिनती कर रिजल्ट घोषित किया।

पुष्पक विमान से उतरकर भगवान श्रीराम, लक्ष्मण व मां सीता राम दरबार तक आने के लिए रथ पर सवार हुए तो इस रथ को स्वयं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खींचा, इसके बाद सहयोग के लिए उनके मंत्रीगण सूर्यप्रताप शाही व उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक भी साथ आ गए। शहर भ्रमण कर रहीं रामायण कालीन प्रसंगों को दर्शाती झांकियों को देखने के लिए लोगों की भारी उमड़ी। ये सभी झांकियां अंत में रामकथा पार्क पहुंचीं।

शोभायात्रा में शामिल होने के दौरान सीएम योगी ने राजा राम और लक्ष्मण का तिलक किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि विपक्षी पार्टियां पहले राम के नाम पर प्रश्न खड़ा करती थीं। अब पूरी दुनिया राम को मान रही है।

सीएम योगी ने आगे कहा कि सनातन धर्म एक ऐसा धर्म है जिसने सभी को अपने सीने से लगाया। यह धर्म किसी से नफरत नहीं करता है। प्राण प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या एक नया इतिहास रच रहा है। प्राण प्रतिष्ठा के बाद पूरी दुनिया ने राम के नाम को जाना है। हमारी संस्कृति को जाना है। उन्होंने कहा कि हम भेदभाव नहीं करते। हम भाषा, जाति और मजहब के नाम पर भेदभाव नहीं करते। राजा राम के गद्दी में बैठने के बाद जो हुआ था वही कर रहे हैं। आज उसी तर्ज पर श्रेष्ठ भारत जन्मा है।

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