उत्तराखंड में साइबर अपराध बढ़ता ही जा रहा है। आये दिन साइबर ठगी के अनेकों मामले सामने आ रहे हैं और रिपोर्ट्स की मानें तो साइबर ठग रोजाना 46 लाख रूपए तक की ठगी कर रहे है यानी की हर घंटे 2 लाख रूपए की ठगी हो रही है। हालाँकि उत्तराखंड प्रशासन साइबर ठगी पर लगाम लगाने के लिए कड़ा रूख तो अपनाए हुए है लेकिन अगर हम लोग भी कलूच सावधानी बरतें तो साइबर ठगी से बचा जा सकता है।
इस तरह से बचे :
1. किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें: साइबर ठग अक्सर व्हाट्सप्प या अन्य किसी सोशल मीडिया ऐप के जरिये स्पैम लिंक्स भेजते हैं और इन लिंक्स पर अगर आप क्लिक कर देते हैं तो आपकी साड़ी जानकारी उन ठगों के पास चली जाती है।
2. कभी किसी से OTP शेयर न करें : अक्सर ये देखा गया है की साइबर ठग आपको पहले कॉल करेंगे फिर बातों में उलझकर आपके फोन में एक OTP सेंड करेंगे ,फिर आपसे आग्रह करेंगे की आप उन्हें वो OTP बताएं। अगर आप उन्हें बता देते हैं तो आप उनके जाल में फंस जायेंगे और अपने पैसे गँवा बैठेंगे।
3. किसी लॉटरी या स्पैम कॉल के झांसे में ना आए : साइबर ठग कई बार लोगों को लाटरी का झांसा देकर उन्हें लुभाने की कोशिश करते है और लॉटरी पाने के लिए लोगों से पहले एक रिसीविंग अमाउंट मांगते है। अगर आप उन्हें वो अमाउंट दे देते हैं तो आप उनके शिकार में फंस जायेंगे।
4. अपनी बैंक डिटेल्स शेयर न करें : साइबर ठग आपको कॉल कर बोल सकते हैं की वे आपके बैंक के कर्मचारी है और कुछ बहाना देकर आपसे आपकी बैंक डिटेल्स हासिल करेने की कोशिश करेंगे। अगर अआप उन्हें बैंक डिटेल्स दे देते हैं तो आप उनके जाल में फंस जायेंगे और अपने पैसे गँवा बैठेंगे।
5. AI वॉइस कॉल : AI के आते ही साइबर ठगों का काम और आसान हो चुका है और वो आपके किसी परिचित की AI की मदद से आवाज निकालकर आपसे बात भी कर सकते है और आपको कोई उपरोक्त धनराशि भेजना का आग्रह कर सकते हैं। पर इसमें ध्यान देने वाली बात ये है की अक्सर ऐसे कॉल व्हाट्सप्प पर या अन्य किसी सोशल मीडिया ऐप पर ही आते हैं तो इस बात का ध्यान रख आप इनसे बच सकते हैं। या फिर अगर ऐसी कोई कॉल आती है और आपके परिचित की आवाज निकलकर आपसे कोई फिरौती मांगता है तो एक बार पहले खुद अपने उस परिचित के नंबर पर कॉल करें।
अगर आप इन सभी बातों का ध्यान रखें तो साइबर अपराध से बच सकते है और यदि आप किसी भी प्रकार के साइबर अपराध का शिकार हो चुके है तो अपने नजदीकी साइबर थाने में इसकी शिकायत करें या फिर 1930 पर कॉल करें।
रिपोर्ट, दिविज बहुगणा
