Udayprabhat
uttrakhandदेहरादून

डीएम की सख्ती : डीसीबी बैंक ने लौटाए महिला की संपत्ति के कागज

नो डूज सर्टीफिकेट देने के साथ 15.50 लाख रुपए का ऋण भी किया शून्य.
विधवा महिला पति की मृत्यु उपरांत एक वर्ष से न्याय के लिए भटक रही थी.

देहरादून : पति की मृत्यु के उपरांत अपनी संपत्ति के कागज छुड़वाने और इंश्योरेंस के लिए भटक रही शिवानी गुप्ता के प्रकरण में जिलाधिकारी की राजपुर रोड स्थित डीसीबी बैंक प्राइवेट लिमिटेड की शाखा पर कार्रवाई के बाद बैंक की ओर से शिवानी गुप्ता के संपत्ति के कागज वापस कर दिए।

साथ ही नो डूज का सर्टीफिकेट भी घर जाकर दिया। विधवा महिला फरियादी शिवानी गुप्ता पति की मृत्यु के उपरांत एक वर्ष से न्याय को भटक रही थी। जिला प्रशासन की ग्राउंड टीम ने तीसरे ही दिन बैंक को सील कर दिया।

जिलाधिकारी का कड़ा रूख देख बैंक की ओर से शुक्रवार को शिवानी गुप्ता के संपत्ति के कागज तो लौटाए ही साथ 15.50 लाख ऋण माफ करते हुए नो डूज का सर्टीफिकेट भी घर जाकर दिया। विदित हो कि जिलाधिकारी के जनता दर्शन कार्यक्रम में शिवानी गुप्ता पत्नी स्व. रोहित निवासी अमर भारती चन्द्रबनी अपनी फरियाद लेकर पहुंची थी। शिवानी गुप्ता ने बताया कि उनके पति की ओर से डीसीबी प्राइवेट बैंक से 15.50 लाख का ऋण लिया था, जिसका बीमा आईसीआई लोंबार्ड कंपनी ने किया था। उनके पति का 15 मई 2024 आकस्मिक निधन हो गया था।

पति की मृत्यु के बाद उनकी आय का कोई साधन न होने के कारण बैंक किश्त जमा नहीं हो पा रही है। बीमा कंपनी बैंक लोन देने से मना कर रही है। जिस पर डीएम ने बैंक प्रबंधक डीसीबी को उपस्थित होने और महिला की समस्या का निस्तारण करने के निर्देश दिए थे।

डीएम के आदेश पर 18 जून को बैंक किया सील-

जिला प्रशासन ने नौ जून को संबंधित बैंक प्रबंधक के विरुद्ध ब्याज सहित 17 लाख पांच हजार की आरसी जारी करते हुए 16 जून तक आरसी जमा करने के निर्देश दिए गए थे। लेकिन डीसीबी प्रबंधक को बार-बार नोटिस जारी करने के बाद भी उक्त प्रकरण पर कोई कार्रवाई नहीं की गई थी। जिलाधिकारी के आदेश और असिस्टेंट कलेक्टर प्रथम श्रेणी के निर्देशों पर 18 जून को देहरादून क्रॉस मॉल, राजपुर रोड स्थित डीसीबी शाखा की चल संपत्ति को नियमानुसार कुर्की करते हुए बैंक शाखा को सील किया कर दिया था।

Leave a Comment