कण्वाश्रम को वैश्विक धार्मिक स्थल के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव. केंद्रीय मंत्री ने जल्द पुरातत्व विभाग की टीम भेजने का भरोसा दिलाया.
मलेथा की ऐतिहासिक गूल को राष्ट्रीय पुरातात्विक महत्व देने की मांग. वीर माधो सिंह भंडारी की स्मृति से जुड़ी धरोहर को संरक्षण की आवश्यकता.
केंद्रीय मंत्री का आश्वासन: गढ़वाल के सभी पुरातात्विक स्थल संरक्षित होंगे. ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों को प्राथमिकता के आधार पर संवारा जाएगा.
श्रीनगर (गढ़वाल): गढ़वाल लोकसभा क्षेत्र की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण एवं संवर्धन को लेकर सांसद अनिल बलूनी ने मंगलवार को केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से दिल्ली में भेंट की। इस मुलाकात के दौरान गढ़वाल क्षेत्र के प्रमुख पुरातात्विक स्थलों, जननायकों से जुड़े स्मारकों और उनके रखरखाव व विकास पर विस्तृत चर्चा की गई।
इस दौरान कोटद्वार स्थित कण्वाश्रम को वैश्विक धार्मिक और सांस्कृतिक स्थल के रूप में विकसित करने का विशेष अनुरोध किया गया। बलूनी ने बताया कि पूर्व में इस विषय को लेकर पत्राचार हो चुका है। इस पर केंद्रीय मंत्री ने आश्वासन दिया कि जल्द ही पुरातत्व विभाग की एक उच्च स्तरीय टीम कण्वाश्रम का दौरा करेगी और संरक्षण की संभावनाओं का मूल्यांकन करेगी।
इसके अलावा, मुलाकात में मलेथा स्थित वीर माधो सिंह भंडारी की ऐतिहासिक गूल (नहर) को राष्ट्रीय पुरातात्विक महत्व का दर्जा देने की मांग भी दोहराई गई। साथ ही, वीरांगना तीलू रौतेली से जुड़े स्मारकों के संरक्षण की आवश्यकता पर भी बल दिया गया।
मुलाकात के दौरान चमोली के गोपेश्वर स्थित गोपीनाथ मंदिर के आस-पास के निवासियों को भवन निर्माण में आ रही कठिनाइयों का मुद्दा भी उठाया गया। सांसद बलूनी ने आग्रह किया कि मंदिर की गरिमा और ऐतिहासिक महत्व को संरक्षित रखते हुए स्थानीय लोगों को भवन निर्माण में नियमों में शिथिलता दी जाए। केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने गढ़वाल की ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण के लिए हरसंभव सहयोग का आश्वासन देते हुए कहा कि क्षेत्र के सभी महत्वपूर्ण पुरातात्विक स्थलों और सांस्कृतिक स्मारकों को प्राथमिकता के आधार पर संरक्षित किया जाएगा।
