हरिद्वार: सावन माह की शुरुआत के साथ ही हरिद्वार में कांवड़ियों की भारी भीड़ उमड़ने लगी है। गंगाजल लेने से पहले स्नान करना धार्मिक परंपरा का हिस्सा है, लेकिन गंगा की तेज धार और गहराई कई बार जान पर भारी पड़ जाती है। ऐसा ही नजारा शनिवार को चमगादड़ टापू और प्रेम नगर आश्रम घाट के पास देखने को मिला, जहां कुछ कांवड़िए बहने लगे। गनीमत रही कि मौके पर तैनात एसडीआरएफ की मुस्तैद टीम ने समय रहते जान बचा ली।
पहली घटना चमगादड़ टापू की है, जहां सुबह दिल्ली के रोहिणी क्षेत्र से आए तीन कांवड़िए गंगा स्नान के दौरान तेज धारा में बहने लगे। मौके पर मौजूद SDRF के जवानों ने तत्परता दिखाते हुए गंगा में छलांग लगाई और तीनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
दूसरी घटना प्रेम नगर आश्रम घाट की है, जहां गंगा में डूबते एक श्रद्धालु को SDRF की डीप डाइविंग टीम ने देख लिया। बिना देर किए, कॉन्स्टेबल नवीन कुमार और सागर कुमार ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और उत्तर प्रदेश के बरेली निवासी युवक को सुरक्षित बाहर निकाला।
बता दें कि कांवड़ मेला 2025 को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। SDRF, जल पुलिस, पीएसी के जवान प्रमुख घाटों पर तैनात हैं ताकि कोई अनहोनी न हो। पिछले वर्ष SDRF ने 250 से ज्यादा कांवड़ियों की जान बचाई थी।
