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हरिद्वार में फर्जी बाबाओं पर बड़ी कार्रवाई, ऑपरेशन ‘कालनेमि’ में 31 गिरफ्तार- अखाड़ा परिषद ने किया समर्थन

हरिद्वार: उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर छद्म वेशधारियों के खिलाफ “ऑपरेशन कालनेमि” नाम से एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत पुलिस ने देहरादून और हरिद्वार में फर्जी साधु-संतों पर शिकंजा कसते हुए अब तक कुल 31 लोगों को गिरफ्तार किया है।

शुक्रवार को देहरादून में एक बांग्लादेशी नागरिक सहित 25 फर्जी बाबाओं को पकड़ा गया। वहीं, हरिद्वार में शनिवार को 13 और श्यामपुर थाना क्षेत्र से 18 बहुरूपिए बाबाओं को हिरासत में लिया गया। ये लोग साधु-संतों का वेश धारण कर लोगों को तंत्र-मंत्र और जादू-टोने के नाम पर गुमराह कर रहे थे, जिससे कांवड़ यात्रा के दौरान अव्यवस्था और भीड़भाड़ की स्थिति उत्पन्न हो रही थी।

हरिद्वार के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने स्पष्ट किया कि ऑपरेशन कालनेमि के तहत धार्मिक नगरी की गरिमा को ठेस पहुंचाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा,

> “जो भी लोग वेश बदलकर धर्म का दिखावा कर जनता को भ्रमित कर रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। कांवड़ मेले से पहले यह कड़ा संदेश जरूरी था।”

इस बीच, अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी ने ऑपरेशन कालनेमि का समर्थन करते हुए इसे समय की ज़रूरत बताया। उन्होंने कहा कि यह अभियान उन फर्जी बाबाओं पर लगाम लगाने का सार्थक प्रयास है, जो भगवा वस्त्र पहनकर आम लोगों को धोखा देने में लगे हैं।

महंत रवींद्र पुरी ने कहा,

> “मैंने स्वयं देखा है कि कई लोग बिना किसी धार्मिक संस्था से जुड़े हुए, केवल पैसे कमाने के लिए धर्म का चोला ओढ़कर लोगों की आस्था से खिलवाड़ कर रहे हैं। ऐसे लोगों को जेल में डालना आवश्यक है, ताकि धार्मिक पर्वों की पवित्रता बनी रहे।”

उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि इस अभियान को उत्तराखंड तक सीमित न रखकर पूरे देश में लागू किया जाना चाहिए।

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