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UKSSSC पेपर लीक, पुलिस ने प्रश्न पत्र फोटो भेजने वाली महिला को किया गिरफ्तार

UKSSSC पेपर लीक मामले में एसपी देहात जया बलूनी ने कई जानकारी देते हुए नया खुलासा किया.

देहरादून: उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा आयोजित स्नातक स्तर की लिखित प्रतियोगी परीक्षा में प्रश्न पत्र लीक मामले में पुलिस ने एक महिला को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार महिला साबिया पुत्री शहजाद (35 वर्ष), निवासी सुल्तानपुर आदमपुर, थाना लक्सर, हरिद्वार, ने अपने भाई के परीक्षा में शामिल होने के लिए नकल कराने के उद्देश्य से प्रश्न पत्र की फोटो अपने परिचित प्रोफेसर सुमन को भेजी थी।

मामले की मुताबिक, देहरादून एसएसपी अजय सिंह ने मामले की जांच पुलिस अधीक्षक देहात जया बलूनी को सौंपी है. जया बलूनी के नेतृत्व में टीम ने मंगलवार को हरिद्वार पहुंचकर आदर्श बाल सदन इंटर कॉलेज, बहादरपुर जट का निरीक्षण किया. इसी केंद्र से प्रश्न पत्र बाहर आया था. टीम ने परीक्षा केंद्र के प्रिंसिपल, कक्ष निरीक्षकों और अन्य गवाहों से लंबी और विस्तार से पूछताछ की. जांच के दौरान बयानों और सबूतों के आधार पर पुलिस ने कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है.

मामले का खुलासा 21 सितंबर को तब हुआ जब सोशल मीडिया पर परीक्षा के प्रश्न पत्र की तस्वीरें वायरल हो गईं। UKSSSC ने मामले की शिकायत एसएसपी देहरादून को दर्ज कराई। इसके बाद एसएसटी (SIT) गठित कर पूरी जांच शुरू की गई। जांच में पता चला कि प्रश्न पत्र की फोटो जनपद टिहरी में असिस्टेंट प्रोफेसर सुमन के पास पहुंची थी। सुमन ने पूछताछ में बताया कि प्रश्न पत्र की फोटो खालिद मलिक के नंबर से उनकी बहन साबिया द्वारा भेजी गई थी।

जांच में यह भी सामने आया कि साबिया ने प्रश्न पत्रों के स्क्रीनशॉट्स को परीक्षा के बाद सोशल मीडिया पर वायरल कर दिए। इसके पीछे उद्देश्य परीक्षा प्रणाली में सनसनी पैदा करना था। जांच अधिकारियों ने परीक्षा केंद्र आदर्श बाल सदन इंटर कॉलेज, बहादुरपुर जट, हरिद्वार का निरीक्षण किया और केंद्र के प्रिंसिपल, कक्ष निरीक्षकों व अन्य गवाहों से गहन पूछताछ की।

एसएसपी देहरादून ने बताया कि साबिया को पूर्ण जानकारी होने के बावजूद नकल कराने के उद्देश्य से प्रश्न पत्र प्रोफेसर सुमन को भेजे गए और उत्तर प्राप्त किए गए। पुलिस ने सबूतों के आधार पर साबिया को गिरफ्तार कर लिया है। इसके अलावा, प्रकरण में शामिल अन्य अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए टीमें सक्रिय रूप से काम कर रही हैं।

जांच में यह भी सामने आया कि जिन लोगों ने परीक्षा के दौरान प्रश्न पत्र की फोटो आउट होने की सूचना अधिकारियों को नहीं दी और परीक्षा के बाद सोशल मीडिया पर वायरल किया, उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है। यदि समय रहते सूचना दी जाती, तो अभियुक्तों को परीक्षा केंद्र से ही गिरफ्तार किया जा सकता था।

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