शिक्षक–अफसर एक मंच पर, 25 फरवरी से प्रदेशव्यापी आंदोलन का ऐलान
देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी में शिक्षा विभाग इन दिनों असामान्य उथल-पुथल से गुजर रहा है। एक कथित विवाद के बाद विभागीय अधिकारियों और शिक्षकों ने संयुक्त रूप से मोर्चा खोल दिया है। मामला भाजपा विधायक उमेश शर्मा काऊ और शिक्षा निदेशक अजय नौडियाल के बीच हुए कथित दुर्व्यवहार से जुड़ा बताया जा रहा है। घटना के बाद प्रदेशभर में शिक्षक संगठनों और मिनिस्टीरियल कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया है।
वीडियो सामने आने के बाद बढ़ा विवाद
सूत्रों के अनुसार, शिक्षा निदेशालय में हुई कथित बहस के कुछ वीडियो सामने आने के बाद मामला और तूल पकड़ गया। आरोप है कि विधायक और उनके समर्थकों ने निदेशक के साथ अभद्र व्यवहार किया। हालांकि विधायक की ओर से आरोपों से इनकार करते हुए सफाई दी गई है, लेकिन विभागीय कर्मचारियों में आक्रोश कम नहीं हुआ है।
25 फरवरी से बड़े आंदोलन की चेतावनी
राजकीय शिक्षक संगठनों ने ऐलान किया है कि यदि विधायक की गिरफ्तारी या सार्वजनिक माफी नहीं होती, तो 25 फरवरी से प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा। संगठनों का कहना है कि यह केवल एक अधिकारी का मामला नहीं, बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र की गरिमा से जुड़ा विषय है। शिक्षकों ने स्पष्ट किया है कि मांगें पूरी न होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधियों ने अधिकारियों और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट एसओपी (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) बनाने की मांग रखी। मुख्यमंत्री ने मामले को गंभीर बताते हुए प्रदेश भाजपा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट से चर्चा की और विधायक से संवाद स्थापित करने की बात कही।
धरने पर बैठे सैकड़ों शिक्षक
देहरादून स्थित शिक्षा निदेशालय में सैकड़ों शिक्षक और कर्मचारी धरने पर बैठे हैं। पुलिस ने घटना से जुड़े कुछ लोगों को हिरासत में लिया है, लेकिन विधायक की गिरफ्तारी न होने से संगठनों में नाराजगी बनी हुई है। उनका आरोप है कि कार्रवाई चयनात्मक प्रतीत हो रही है।
भाजपा की सफाई
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि विधायक ने घटना पर खेद व्यक्त किया है और निदेशक से मुलाकात कर स्थिति स्पष्ट करने की पहल की है। हालांकि शिक्षक संगठनों का कहना है कि जब तक सार्वजनिक मंच से स्पष्ट माफी नहीं मांगी जाती, आंदोलन समाप्त नहीं होगा।
विपक्ष का हमला
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में असहमति का समाधान संवाद से होना चाहिए, न कि टकराव से। उन्होंने अधिकारियों की निष्पक्षता बनाए रखने पर भी जोर दिया।
बोर्ड परीक्षाओं पर मंडराता असर
सबसे अहम पहलू यह है कि यह पूरा घटनाक्रम 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं के दौरान सामने आया है। यदि आंदोलन तेज हुआ तो परीक्षा संचालन और मूल्यांकन प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। ऐसे में सरकार के सामने कानून-व्यवस्था और शिक्षा व्यवस्था दोनों को संतुलित रखने की चुनौती है।
