देहरादून: राजधानी देहरादून और हरिद्वार में साइबर ठगों ने दो अलग-अलग मामलों में कुल ₹41 लाख की ठगी को अंजाम दिया है। एक मामले में मकान बेचने के नाम पर अधिवक्ता से ₹20 लाख हड़प लिए गए, जबकि दूसरे मामले में पार्ट टाइम जॉब का लालच देकर महिला से ₹21 लाख की साइबर ठगी की गई।
रायपुर थाना क्षेत्र के गुमानीवाला निवासी एक अधिवक्ता ने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पीड़ित के अनुसार, 24 अप्रैल 2025 को उन्होंने गुमानीवाला स्थित पद्मा निवास के बाहर मकान बिक्री का विज्ञापन देखा था। विज्ञापन में दिए गए नंबर पर संपर्क करने पर सामने वाले व्यक्ति ने खुद को ऑस्ट्रेलिया में रहना बताया और फोन व व्हाट्सएप के जरिए ही 95 लाख रुपये में सौदा तय कर लिया।
आरोपी के कहने पर अधिवक्ता ने अग्रिम राशि के तौर पर ₹20 लाख उसके बताए खाते में ट्रांसफर कर दिए। शेष राशि रजिस्ट्री के समय देने की बात तय हुई थी, लेकिन तय तारीख पर आरोपी न तो रजिस्ट्री के लिए पहुंचा और न ही संपर्क में आया। इसके बाद पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ।
साइबर क्राइम जांच अधिकारी जीएस नबियाल ने बताया कि मामले में अज्ञात आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मोबाइल नंबर, बैंक खाते और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच की जा रही है।
दूसरा मामला हरिद्वार से सामने आया है, जहां एक महिला को व्हाट्सएप के जरिए पार्ट टाइम जॉब का ऑफर दिया गया। 22 दिसंबर को संपर्क करने वाली महिला ने रोजाना ₹3,000 से ₹5,000 कमाने का झांसा दिया और एक फर्जी आईडी कार्ड भी भेजा।
शुरुआत में छोटे टास्क पूरे कराकर विश्वास जीता गया, फिर धीरे-धीरे बड़े टास्क के नाम पर सिक्योरिटी डिपॉजिट और भुगतान करवाए गए। इस तरह अलग-अलग खातों में पैसे ट्रांसफर कराकर महिला से कुल ₹21 लाख की ठगी कर ली गई।
साइबर पुलिस ने दोनों मामलों में मुकदमा दर्ज कर लिया है और लोगों से अपील की है कि फोन, व्हाट्सएप या ऑनलाइन जॉब ऑफर के जरिए होने वाले लेनदेन में सतर्क रहें।
