वसन्तोत्सव कार्यक्रम के लिए देश के तमाम राज्यों के पुष्प उत्पादकों को आमंत्रित किया जा रहा है.
देहरादून: राजभवन परिसर में लोक भवन में वसंतोत्सव-2026 के आयोजन से पूर्व ‘कर्टेन रेजर’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने तीन दिवसीय वसंतोत्सव की रूपरेखा साझा करते हुए इसे राज्य की सांस्कृतिक और आर्थिक पहचान से जुड़ा महत्वपूर्ण आयोजन बताया।
राज्यपाल ने जानकारी दी कि वसंतोत्सव 27 फरवरी से प्रारंभ होकर 1 मार्च तक आयोजित होगा। 27 फरवरी को दोपहर 1 बजे से सायं 6 बजे तक तथा 28 फरवरी और 1 मार्च को प्रातः 9 बजे से सायं 6 बजे तक यह पुष्प प्रदर्शनी आम जनता के लिए निःशुल्क खुली रहेगी। इस वर्ष विशेष आकर्षण के रूप में ‘भोजपत्र’ विषय पर विशेष पोस्टल कवर जारी किया जाएगा, जो उत्तराखंड की समृद्ध प्राकृतिक विरासत को दर्शाएगा।

उन्होंने कहा कि लोक भवन में आयोजित होने वाला वसंतोत्सव अब प्रकृति, परंपरा और प्रगति के संगम का प्रतीक बन चुका है। यह आयोजन न केवल पुष्प प्रेमियों और पर्यटकों को आकर्षित करता है, बल्कि स्थानीय उत्पादों, हस्तशिल्प, पारंपरिक कला और कृषि आधारित वस्तुओं को भी व्यापक मंच प्रदान करता है।
राज्यपाल ने बताया कि फ्लोरीकल्चर के क्षेत्र में उत्तराखंड में तेजी से संभावनाएं बढ़ रही हैं। अनुकूल जलवायु और बढ़ते पुष्प उत्पादन क्षेत्रफल के कारण किसानों की आय में वृद्धि हो रही है। पुष्प प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन से स्वरोजगार को भी प्रोत्साहन मिल रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन पुष्प पर्यटन को बढ़ावा देकर स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई दिशा देते हैं।
कार्यक्रम में अधिकारियों, उद्यमियों और स्वयं सहायता समूहों की सहभागिता भी उल्लेखनीय रही। राज्यपाल ने आमजन से वसंतोत्सव में सहभागिता कर राज्य की सांस्कृतिक धरोहर को प्रोत्साहित करने की अपील की।
