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हरिद्वार: फर्जी दस्तावेज व जन्म प्रमाण पत्र बनाने के आरोप में पुलिस ने एक युवक को किया गिरफ्तार

कप्तान नवनीत सिंह की अगुवाई में पुलिस ने किया बड़ा भंडाफोड़

हरिद्वार: शहर में चलाए जा रहे सघन सत्यापन अभियान के दौरान पुलिस की बड़ी कामयाबी मिली है। फर्जी दस्तावेज व जन्म प्रमाण पत्र बनाने के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार किया गया है। जनसेवा केन्द्र की आड़ में बिहार निवासी युवक फर्जी दस्तावेज बना रहा था।

आरोपी युवक ने कलियर स्थित अलीशान होटल को कार्यालय बनाया हुआ था। मौके से भारी मात्रा में फर्जी जन्म प्रमाण पत्र/ मोहरें, इलैक्ट्रॉनिक उपकरण सहित अन्य दस्तावेज बरामद हुए हैं। इस्तेमाल किया जा रहा मानवाधि कार आयोग का फर्जी पहचान पत्र भी बरामद किया गया है। पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी निर्देशों एवं एसएसपी नवनीत सिंह के पर्यवेक्षण में जनपद हरिद्वार में चलाए जा रहे सत्यापन एवं सघन चेकिंग अभियान के सकारात्मक परिणाम लगातार सामने आ रहे हैं। अभियान के क्रम में कोतवाली कलियर पुलिस ने स्थानीय अभिसूचना इकाई के सहयोग से एक ऐसे जनसेवा केन्द्र का भंडाफोड़ करने में कामयाबी हासिल की है जहां आरोपी युवक फर्जी मोहरों के सहारे जन्म प्रमाण पत्र सहित अन्य कुटरचित दस्तावेज बनाकर फायदा कमा रहा था।

संयुक्त टीम ने सघन चैकिंग/सत्यापन अभियान के दौरान पिरान कलियर क्षेत्र में चारमीनार के पीछे स्थित अलीशान होटल के शाहिदा मानवाधिकार जनसेवा केन्द्र का बोर्ड लगे कमरे में छापेमारी की तो एक व्यक्ति स्थानीय तथा बाहरी राज्यों के लोगों के जन्म प्रमाण पत्र आधार कार्ड, पैन कार्ड आदि बनाता हुआ पाया गया। पूछताछ में संदिग्ध व्यक्ति ने खुद को थाना साहिबगंज बिहार का निवासी बताते हुए मानवाधिकार आयोग का अध्यक्ष होने का दावा किया तथा होटल आलीशान में सीएससी सेन्टर चलाकर सेन्टर में लोगों के मतदाता पहचान पत्र, पेन कार्ड, आधार कार्ड जन्म प्रमाण पत्र और अन्य कागजात बनाने की जानकारी दी।

संदिग्ध द्वारा जारी किए गये दस्तावेजों जन्म प्रमाण पत्र का अवलोकन करने पर पाया गया कि सभी जन्म प्रमाण पत्रों पर सीरियल नं० 1 अंकित है जिस पर उत्तराखण्ड राज्य का लोगो बना हुआ है। उक्त प्रमाण पत्रों पर उत्तराखण्ड सरकार अंग्रेजी व हिन्दी में छपा हुआ है। अधि काशं प्रमाण पत्र हरिद्वार में निवासरत व्यक्तियों बने हुए हैं तथा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग नगर निगम रूद्रपुर के लेटर पैड पर जारी किये गये हैं। मौके से नगर पंचायत पिरान कलियर के ईओ से सम्पर्क कर व्हाटसअप पर उक्त जन्म प्रमाण पत्र की फोटो भेजकर जानकारी की गयी तो उनके द्वारा बताया गया है कि इस प्रमाण पर दो मोहर लगी है तथा कलियर में जन्म प्रमाण पत्र पर मैं ही हस्ताक्षर करता हूं, ये हस्ताक्षर नहीं है ।

यह प्रमाण पत्र फर्जी हैं। मानवाधिकार आयोग का पहचान पत्र भी फर्जी पाया गया। कड़ी पूछताछ में संदिग्ध शहनवाज ने बताया कि कुछ डाक्यूमेन्ट वह खुद गूगल पर ऑनलाईन बनाता है और कुछ डाक्यूमेन्ट ऑनलाइन मंगाकर प्रिन्ट निकलवाकर लोगों को देता है। जानकारी के मुताबिक आरोपी अब तक लगभग एक हजार से अधिक जन्म प्रमाण पत्र और अन्य दस्तावेज बना चुका है। शहनवाज की दुकान की तलाशी से ४५ कूटरचित जन्म प्रमाण पत्र एक लैपटाप, लैपटाप चार्जर, एक अदद माउस व एक अदद एक अदद मोबाइल फोन त्मकउप व ०६ आधार कार्ड, ०७ अलग अलग मोहरें बरामद हुयी है जिसके सम्बन्ध में थाना कोतवाली पिरान कलियर पर मुकदमा दर्ज किया गया है।

 

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