राज्य की दुकानों और संस्थानों में महिला कर्मचारी अब रात 9 से सुबह 6 बजे की शिफ्ट यानि रात के समय भी काम कर सकेंगी.
देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बुधवार को सचिवालय में हुई कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, सौरभ बहुगुणा सहित सभी सदस्य मौजूद रहे, जबकि सतपाल महाराज और धन सिंह रावत वर्चुअली जुड़े।
बैठक की शुरुआत राज्य निर्माण आंदोलन में अहम भूमिका निभाने वाले वरिष्ठ आंदोलनकारी और पूर्व कैबिनेट मंत्री दिवाकर भट्ट के निधन पर दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि देने से हुई। मंत्रिमंडल ने राज्य निर्माण तथा विकास में उनके योगदान को भी याद किया।
बैठक में कुल 7 प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई।
पर्यावरण संरक्षण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की वार्षिक रिपोर्ट को विधानसभा पटल पर रखने की मंजूरी।
अभियोजन संवर्ग ढांचे के पुनर्गठन को मंजूरी, साथ ही सहायक अभियोजन अधिकारी के 46 नए पदों के सृजन की स्वीकृति।
ऊर्जा विभाग के वार्षिक वित्तीय प्रतिवेदन 2022–23 को सदन पटल पर रखने की मंजूरी।
महिला कर्मचारियों को रात 9 बजे से सुबह 6 बजे तक काम करने की अनुमति, बशर्ते लिखित सहमति और सुरक्षा इंतज़ाम सुनिश्चित हों।
उत्तराखंड दुकान एवं स्थापन अधिनियम 2017 में संशोधन के लिए 2025 संशोधन अध्यादेश को मंजूरी।
देहरादून मेट्रो नियो परियोजना पर केंद्र सरकार के सुझावों को कैबिनेट के समक्ष प्रस्तुत करने और आगे की दिशा तय करने का निर्णय।
मानव–वन्य जीव संघर्ष राहत वितरण नियमावली 2025 में संशोधन को मंजूरी।
मानव-वन्यजीवों के बीच संघर्ष की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए कैबिनेट ने ये फैसला किया है कि इन हमलों में मृतक के परिजनों को 10 लाख रुपए की राशि दी जाएगी. अनुग्रह राशि को 6 लाख से बढ़ाया गया है. वहीं, इन हमलों में घायलों का पूरा खर्च सरकार उठाएगी.
धामी सरकार ने राज्य की दुकानों एवं संस्थानों में महिला कर्मचारियों को नाइट शिफ्ट (रात्रि 9.00 बजे से प्रातः 6.00 बजे तक) कार्य करने की सशर्त छूट प्रदान की है, जिसमें महिला कर्मचारियों की सुरक्षा का पर्याप्त प्रावधान किया गया है. इससे महिला कर्मचारियों को कार्य करने के अधिक अवसर प्राप्त होगें तथा महिला कर्मकारों का आर्थिक सशक्तिकरण होगा. रात्रि पाली में महिला कर्मकारों को कार्य में तभी लिया जा सकता है, जब उनके द्वारा इस संबंध में पूर्व में ही लिखित सहमति प्राप्त कर ली जाए. इससे महिला कर्मकारों को पुरुष कर्मकारों के समान कार्य करने के अवसर प्राप्त होगें व लैंगिक समानता की व्यवस्था भी प्रभावी होगी.
इसके साथ ही उत्तराखंड दुकान और स्थापन (रोजगार विनियमन और सेवा-शर्त) (संशोधन) अध्यादेश, 2025 के माध्यम से उत्तराखंड दुकान और स्थापन (रोजगार विनियमन और सेवा-शर्त) अधिनियम, 2017 की धारा 1(2), 8, 9 एवं धारा 19 में संशोधन किया जा रहा है. सरकार के अनुसार इन संशोधनों से छोटे प्रतिष्ठानों पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा और वे अपनी आर्थिक गतिविधि सुचारू रूप से संचालित कर सकेंगे. बड़े प्रतिष्ठानों में काम करने वाले कर्मकारों को कानून के अन्तर्गत सभी लाभ प्राप्त होंगे. सरकार मानती है कि इससे निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा, दुकानों एवं स्थापनों में काम करने के समय में लचीलापन आयेगा, प्रशासनिक बोझ कम होगा. इसके अतिरिक्त इससे दुकानों व स्थापनों की कार्यक्षमता बढ़ेगी व कर्मचारियों को ज्यादा काम करने का अवसर मिलेगा, जिसके परिणामस्वरूप उनकी आर्थिकी में सुधार होगा.
देहरादून शहर में प्रस्तावित मेट्रो नियो परियोजना के सम्बन्ध में उत्तराखंड मेट्रो रेल एवं शहरी अवस्थापना एवं भवन निर्माण निगम की सम्पन्न आहूत 34वीं बोर्ड बैठक के एजेंडा बिन्दु संख्या-34/3 में पारित प्रस्ताव के अनुक्रम में देहरादून शहर में प्रस्तावित मेट्रो नियो परियोजना के प्रस्ताव पर आवासन एवं शहरी विकास मामलों के मंत्रालय भारत सरकार द्वारा दिये गये परामर्श व सुझाव से माननीय मंत्रिमण्डल को अवगत करने एवं मार्गदर्शन प्राप्त किये जाने का प्रस्ताव प्रस्तावित किया गया है.
इसके साथ ही धामी मंत्रिमंडल ने उत्तराखंड शिक्षा विभाग से संबंधित दो प्रस्तावों को स्थगित कर दिया है. इसके पुनः परीक्षण के निर्देश दिए गए हैं.
