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गैरसैंण बजट सत्र: एलपीजी संकट पर गरमाई विधानसभा, विपक्ष का वॉकआउट, बाहर LPG गैस को लेकर प्रदर्शन

गैरसैंण: भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा में चल रहे बजट सत्र के पांचवें दिन एलपीजी गैस आपूर्ति का मुद्दा जोर-शोर से उठा। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने प्रदेश में गैस सिलिंडरों की कथित कालाबाजारी और आपूर्ति में कमी को लेकर सरकार को घेरा। जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने सदन से वॉकआउट कर दिया और बाद में विधानसभा की सीढ़ियों पर बैठकर विरोध प्रदर्शन किया।

सत्र की शुरुआत के साथ ही सीएम धामी मुख्यमंत्री और अन्य मंत्री-विधायक सदन में पहुंचे। इस दौरान कांग्रेस के विधायक रसोई गैस की समस्या को लेकर विधानसभा परिसर में धरने पर बैठ गए। उनका आरोप था कि प्रदेश के कई इलाकों में गैस सिलिंडर समय पर नहीं मिल रहे हैं और लोगों को लंबी कतारों में लगना पड़ रहा है।

विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी  ने सदन से सरकार को निर्देश दिए कि एलपीजी गैस की कालाबाजारी रोकने के लिए सख्त कार्रवाई की जाए। वहीं नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और कांग्रेस विधायक प्रीतम सिंह ने नियम 310 के तहत प्रदेश में गैस सिलिंडरों की जमाखोरी और कालाबाजारी का मुद्दा उठाया और इस पर विस्तृत चर्चा की मांग की।

अध्यक्ष ने इस विषय को नियम 58 के तहत भोजनावकाश के बाद सुनने का निर्णय दिया। हालांकि, दोपहर बाद जब सदन की कार्यवाही फिर शुरू हुई तो संसदीय कार्य मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि एलपीजी आपूर्ति केंद्र सरकार से जुड़ा विषय है, इसलिए इस पर सदन में चर्चा नहीं की जा सकती। उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण व्यावसायिक गैस सिलिंडरों की आपूर्ति पर रोक लगाई गई है, लेकिन घरेलू एलपीजी की कोई कमी नहीं है।

सरकार के इस जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने चर्चा की मांग करते हुए जोरदार विरोध किया। विपक्ष का कहना था कि जब पीठ की ओर से नियम 310 के तहत चर्चा का फैसला दिया गया है, तो सरकार उससे पीछे क्यों हट रही है। उनका दावा था कि प्रदेश के कई जिलों में गैस सिलिंडरों के लिए लोगों को लंबी लाइनें लगानी पड़ रही हैं और होटल-ढाबा संचालकों को भी सिलिंडर नहीं मिल पा रहे हैं।

सदन में पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस के कारण कार्यवाही करीब 45 मिनट तक स्थगित करनी पड़ी। बाद में विरोध जारी रखते हुए विपक्ष ने सदन से वॉकआउट कर दिया।

इस बीच संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि सरकार ने सभी जिलाधिकारियों को एलपीजी की कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि नैनीताल जिले में इस मामले में तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

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