देहरादून: लंबित मांगों के समाधान में हो रही देरी से नाराज़ राज्य आंदोलनकारियों ने बुधवार को राजधानी में जोरदार प्रदर्शन किया। राज्य आंदोलनकारी मंच के बैनर तले बड़ी संख्या में लोग गांधी पार्क में एकत्र हुए और वहां से सचिवालय की ओर पैदल मार्च शुरू किया।
प्रदर्शनकारियों के बढ़ते हुजूम को देखते हुए पुलिस ने सुभाष रोड पर बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें सचिवालय पहुंचने से पहले ही रोक दिया। इस दौरान आंदोलनकारियों और पुलिस के बीच हल्की नोकझोंक भी देखने को मिली। मंच के प्रदेश प्रवक्ता प्रदीप कुकरेती ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण की प्रक्रिया पिछले कई महीनों से लंबित पड़ी है। उन्होंने कहा कि शासन की धीमी कार्यप्रणाली के कारण पांच महीने बीत जाने के बाद भी कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण के तहत योग्य अभ्यर्थियों को अब तक नियुक्तियां नहीं मिल पाई हैं, जिससे युवाओं में भारी असंतोष है। साथ ही चिन्हीकरण के लिए तय उम्र सीमा में भी कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है।
प्रदीप कुकरेती ने कहा कि राज्य गठन के बाद से आंदोलनकारी अपने अधिकारों के लिए लगातार संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी मांगों को नजरअंदाज कर रही है। उनका कहना है कि 2011 के बाद से चिन्हीकरण की प्रक्रिया सही तरीके से लागू नहीं हो पाई, जिसके चलते राज्य के कई जिलों में यह काम पूरी तरह ठप पड़ा है।
मंच का आरोप है कि अलग-अलग जिलों में अलग मानकों के चलते प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी है और पात्र आंदोलनकारियों को न्याय नहीं मिल पा रहा है। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो वे आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज करेंगे।
