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Uttarakhand : गांव के लोग खुद ही बना रहे हैं सड़क, विदेश में रह रहे ग्रामीण कर रहे आर्थिक मदद

पहाड़ से पलायन की एक वजह सड़क सुविधा का न होना भी है। इसी के चलते गांव के गांव खाली हो गए क्योंकि मरीजों को अस्पताल पहुंचाना हो, बच्चों कोे स्कूल जाना हो या बाजार से राशन आदि लाना हो, उन्हें इन कामों के लिए कई किमी पैदल चलना पड़ता है। लोग सड़क के लिए गुहार-लगाते लगाते थक जाते हैं तो फिर पलायन उनकी विवशता बन जाती है।

इन सबके बीच जिले के मटेला गांव के लोगों ने प्रशासन और सरकार को आईना दिखाते हुए अपने प्रयास से गांव के लिए सड़क बनाने का बीड़ा उठा लिया है। यह गांव अल्मोड़ा से करीब 15 किलोमीटर दूर ताड़ीखेत ब्लॉक और रानीखेत तहसील में है। ग्रामीणों ने सड़क बनाने की पहल की तो विधायक प्रमोद नैनवाल भी सहयोग के लिए आगे बढ़े हैं। विधायक ने बताया कि वह अपनी निधि से ग्रामीणों की मदद करेंगे। उन्होंने ग्रामीणों के प्रयासों की सराहना भी की।

ग्रामीणों ने देश-विदेश के कई शहरों में रहने वाले अपने बिरादरों को व्हाट्सएप ग्रुप से जोड़ा। उनसे सड़क के लिए सहयोग करने की अपील की। अपील पर गांव के सभी लोग आगे आए। कुछ ने तो सड़क निर्माण के लिए नौकरी तक छोड़ दी और गांव में ही जम गए। सभी के सामूहिक प्रयास से अब सड़क बनने लगी है। ग्रामीण भी उत्साहित हैं और अन्य लोगों को भी गांव के विकास के लिए जोड़ने लगे हैं।

 

 

 

 

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