- सर्वे ऑफ इंडिया द्वारा सन् 1874 के नक्शे के आधार पर गलत पेश की गईं सीमाएं
- ग्रामीणों और कृषको की भूमि को वन भूमि की सीमा में दर्शाया गया
उदय प्रभात संवाददाता
देहरादून| विधानसभा अध्यक्ष प्रेम चंद अग्रवाल(Prem Chand Agrawal) के बैराज रोड स्थित कैंप कार्यालय पर आज पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य मनोज ज़खमोला के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात कर विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि ग्राम पंचायत हरिपुर कंला, ऋषिकेश में सर्वे ऑफ इंडिया(Survey of India) द्वारा गलत सर्वे रिपोर्ट प्रस्तुत करने पर किसानों को एवं ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
उन्होंने कहा है कि सर्वे ऑफ इंडिया द्वारा सन् 1874 के नक्शे(Map) के आधार पर एक सर्वे किया गया जिसमें सीमाएं गलत तरीके से प्रस्तुत की गई तथा ग्रामीणों और कृषको की भूमि को वन भूमि की सीमा में दर्शाया गया है. जिससे ग्रामीणों एवं कृषकों को अपनी ही खेती में निर्माण कार्य एवं अन्य गतिविधियों को संचालित करने के लिए वन विभाग द्वारा बेवजह परेशान किया जा रहा है.
जखमोला ने बताया कि ग्रामीणों एवं कृषकों के पास अपने जमीन की रजिस्ट्री भी है. बातचीत के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने सर्वे ऑफ़ इंडिया द्वारा किए गए सर्वे को निरस्त कराने सम्बंधित समस्या का समाधान की मांग की है. विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने गांव वालों को आश्वासन देते हुए कहा कि संबंधित विभाग के अधिकारियों के साथ चर्चा कर समस्या का समाधान किया जाएगा.
