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‘बंगाल में घुसपैठ और कुशासन का दौर खत्म होगा’…’इंसान क्या, परिंदा भी नहीं घुस पाएगा’- अमित शाह

कोलकाता: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर बड़ा दावा करते हुए कहा कि राज्य की जनता ने 2026 में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनाने का मन बना लिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा सत्ता में आने पर बंगाल की गौरवशाली विरासत को पुनर्जीवित करेगी और विकास व गरीब कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देगी।

प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए अमित शाह ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने राज्य में कुशासन, भ्रष्टाचार और अवैध घुसपैठ को बढ़ावा देने के आरोप लगाए। शाह ने कहा कि बांग्लादेश सीमा पर फेंसिंग के लिए जमीन न देकर ममता सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता कर रही है।

उन्होंने सवाल उठाया कि त्रिपुरा, असम, राजस्थान, पंजाब, कश्मीर और गुजरात में घुसपैठ क्यों रुकी हुई है, जबकि बंगाल में यह लगातार जारी है। शाह ने आरोप लगाया कि वोट बैंक मजबूत करने के लिए राज्य में जानबूझकर डेमोग्राफिक बदलाव किया जा रहा है। अमित शाह ने स्पष्ट किया कि आगामी विधानसभा चुनाव घुसपैठ रोकने और अवैध प्रवासियों को बाहर निकालने के मुद्दे पर लड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि बंगाल बॉर्डर से हो रही घुसपैठ देश की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है।

30 दिसंबर को याद करते हुए शाह ने कहा कि यह दिन हर भारतीय के लिए गर्व का प्रतीक है, क्योंकि 1943 में इसी दिन नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने पोर्ट ब्लेयर में तिरंगा फहराया था। उन्होंने कहा कि आज से अप्रैल तक का समय बंगाल के लिए निर्णायक है, क्योंकि राज्य विधानसभा चुनाव की ओर बढ़ रहा है।

शाह ने दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस के 15 वर्षों के शासन में राज्य भय, भ्रष्टाचार, कुशासन और अवैध घुसपैठ से जूझता रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भाजपा की सरकार बनने पर बंगाल में विकास, सुरक्षा और सांस्कृतिक विरासत को नई दिशा मिलेगी।
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि भाजपा बंगाल में एक मजबूत नेशनल सिक्योरिटी ग्रिड बनाएगी, जिससे “इंसान तो दूर, परिंदा भी सीमा पार नहीं कर पाएगा।” उन्होंने यह भी दोहराया कि सभी अवैध घुसपैठियों को देश से बाहर निकाला जाएगा।

गौरतलब है कि अमित शाह का यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब तृणमूल कांग्रेस राज्य में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का विरोध कर रही है। चुनाव आयोग के अनुसार, दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया 15 जनवरी 2026 तक जारी रहेगी, जिसे लेकर बंगाल की राजनीति में माहौल गरमाया हुआ है।

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