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डीजीपी ने अपराध व कानून व्यवस्था की करी हाई-लेवल मीटिंग, कई चौकी प्रभारी को किया निलंबित

डीजीपी ने अपराध व कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक में दिए कड़े निर्देश
महिला अपराध, लैंड फ्रॉड और भ्रष्टाचार पर ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति

देहरादून: ऋषिकेश में एक महिला की गोली मारकर हत्या करने की घटना पर लापरवाही बरतने पर एम्स चौकी प्रभारी एसआई साहिल वशिष्ट को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. साथ ही देहरादून में युवती के जघन्य हत्याकांड में प्रथम दृष्टया लापरवाही सामने आने पर खुड़बुड़ा चौकी प्रभारी एसआई प्रद्युम्न नेगी को भी सस्पेंड किया गया है.

बता दें कि 3 फरवरी उत्तराखंड पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने अपराध और कानून व्यवस्था पर हाई लेवल समीक्षा बैठक आयोजित की. जिसमें गंभीर आपराधिक घटनाओं में लापरवाही बरतने वाले पुलिस कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है.  बैठक में पुलिस मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ गढ़वाल एवं कुमाऊँ रेंज के प्रभारी, सभी जनपदों के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक तथा एसटीएफ के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

बैठक में राज्य में घटित गंभीर आपराधिक घटनाओं, लंबित विवेचनाओं, जनशिकायतों के निस्तारण और पुलिस कार्यप्रणाली की गहन समीक्षा की गई। पुलिस महानिदेशक ने स्पष्ट किया कि कर्तव्य में लापरवाही, महिलाओं के विरुद्ध अपराधों में असंवेदनशीलता और भ्रष्टाचार किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

महिला हत्याकांडों में लापरवाही पर निलंबन

ऋषिकेश क्षेत्र में महिला की गोली मारकर हत्या के मामले में लापरवाही बरतने पर एम्स चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक साहिल वशिष्ट को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।

वहीं, कोतवाली नगर देहरादून में युवती की जघन्य हत्या के प्रकरण में प्रथम दृष्टया लापरवाही पाए जाने पर खुड़बुड़ा चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक प्रद्युम्न नेगी को भी निलंबित किया गया है।

दोनों मामलों की जांच एसपी क्राइम विशाखा अशोक भदाणे को सौंपी गई है। पुलिस महानिदेशक ने अन्य संबंधित पुलिस कर्मियों की भूमिका की जांच कर 07 दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

हरिद्वार गोलीकांड में भी कार्रवाई

जनपद हरिद्वार के भगवानपुर थाना क्षेत्र में रविदास जयंती के दौरान दो पक्षों के बीच हुए संघर्ष एवं गोलीबारी की घटना में गंभीर लापरवाही सामने आने पर चुड़ियाला हल्का प्रभारी उपनिरीक्षक सूरत शर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
इस पूरे प्रकरण की जांच पुलिस अधीक्षक क्राइम, हरिद्वार जितेन्द्र मेहरा को सौंपी गई है। अन्य कर्मियों की भूमिका की जांच कर 07 दिवस में रिपोर्ट मांगी गई है।

लैंड फ्रॉड मामलों में बदले नियम

ऊधमसिंहनगर के सुखवंत सिंह आत्महत्या प्रकरण के बाद भूमि विवादों में पुलिस की भूमिका को लेकर डीजीपी ने सख़्त निर्देश जारी किए हैं। अब भूमि धोखाधड़ी (लैंड फ्रॉड) से जुड़े मामलों में अनिवार्य रूप से क्षेत्राधिकारी (सीओ) स्तर पर समयबद्ध और पारदर्शी जांच की जाएगी। जांच में यह स्पष्ट किया जाएगा कि मामला सिविल प्रकृति का है या आपराधिक, इसके बाद ही आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। लंबित भूमि मामलों की पुलिस मुख्यालय स्तर से लगातार निगरानी की जाएगी।

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