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उत्तराखंड: सीएम धामी ने 2026-27 के लिए पेश किया 1.11 लाख करोड़ का बजट, पिछले साल से 10% अधिक है आकार

उत्तराखंड को धार्मिक पर्यटन का हब बनाने पर सरकार का फोकस
गरीब, युवा, अन्नदाता और महिलाओं पर रही विशेष मेहरबानी
बजट में 21 नई योजनाएं भी शुरू करने का भी ऐलान, किए गए कई प्रावधान
दूरस्थ पहाड़ी क्षेत्रों में चिकित्सा ढांचे को सुदृढ़ बनाने पर दिया जा रहा जोर

गैरसैंण: जैसी कि उम्मीद थी चुनावी वर्ष में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के विभिन्न वर्गों के लिए मानो तिजोरी खोल दी है। सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए एक लाख 11 हजार 703 करोड़ रुपये का सरप्लस बजट पेश किया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग दस प्रतिशत अधिक है। बजट में समावेशी विकास और आत्म निर्भर उत्तराखंड को ध्यान में रखते हुए गरीब, युवा, किसान और महिलाओं को विशेष तौर पर केंद्र में रखा गया है।

इसके अलावा स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचा और पर्यटन पर भी फोकस किया गया है। बजट में 21 नई योजनाएं भी शुरू की गई हैं। सोमवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिह धामी प्रदेश की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में दोपहर बाद 2.50 मिनट पर सदन में पहुंचे और ठीक तीन बजे बजट भाषण प्रारंभ किया। धामी ने कहा कि सरकार का उद्देश्य राज्य के समग्र विकास को गति देना और समाज के हर वर्ग तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। बजट में स्वास्थ्य क्षेत्र को प्राथमिकता देते हुए चिकित्सा सुविधाओं को मजबूत करने के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। राज्य के अस्पतालों में आधुनिक सुविधाएं बढ़ाने, स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और दूरस्थ पहाड़ी क्षेत्रों में चिकित्सा ढांचे को सुदृढ़ बनाने पर सरकार ने जोर दिया है। सरकार का कहना है कि आम लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना उसकी प्राथमिकताओं में शामिल है।

इसके साथ ही बजट में महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण को भी अहम स्थान दिया गया है। महिलाओं की सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं को मजबूत करने के साथ-साथ उनके सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए विभिन्न कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने का संकेत दिया गया है। पहली बार निर्भया फंड की व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला सुरक्षा से जुड़े प्रयासों को और प्रभावी बनाने के लिए बजट में पर्याप्त प्रावधान किए गए हैं।

युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास पर भी बजट में विशेष ध्यान दिया गया है। सरकार ने स्वरोजगार, कौशल प्रशिक्षण और उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशा में योजनाओं को मजबूत करने की बात कही है, ताकि राज्य के युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें। कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए भी बजट में कई पहलुओं पर जोर दिया गया है। किसानों की आय बढ़ाने के लिए कृषि, बागवानी और पशुपालन से जुड़े क्षेत्रों को मजबूत करने के प्रयास किए जाएंगे। सरकार का मानना है कि इन क्षेत्रों के विकास से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।

नई योजनाएं

कुंभ मेला अवस्थापना अनुदान के लिए-1027.00 करोड़

जीरामजी-705.25 करोड़

निर्भया फंड-112.02 करोड़

पर्यटन विकास-100.00 करोड़

कोलोनाइजेशन प्रोत्साहन-25.00 करोड़

हरिद्वार गंगा कॉरिडोर परियोजना-10.00 करोड़

ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर परियोजना-10.00 करोड़

साइबर सिक्योरिटी के क्रियान्वयन हेतु₹ 15.00 करोड़

ड्रोनिंग टेक्नोलॉजी एवं एआई-10.50 करोड़

महाक्रांति-10.00 करोड़

स्पिरिचुअल इकोनॉमिक-10.00 करोड़

हाउस ऑफ हिमालयाज-5.00 करोड़

उत्तराखंड एवं भारत दर्शन-4.50 करोड़

अन्य रिवर फ्रंट योजना-10.00 करोड़

आपदा सखी-2.00 करोड़

ग्राम प्रहरी-5.00 करोड़

नशा मुक्ति केंद्र-4.50 करोड़

पुस्तकालय निर्माण-5.00 करोड़

विदेश रोजगार प्रकोष्ठ-3.73 करोड़

न्याय पंचायत स्तर पर स्टेडियम -10.00 करोड़

रेस्क्यू सेंटर-19.00 करोड़

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