देहरादून: राजधानी देहरादून में आयोजित प्रांतीय रक्षक दल (पीआरडी) के स्थापना दिवस समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शिरकत कर जवानों को कई बड़ी सौगातें दीं। सीएम धामी ने रैतिक परेड की सलामी लेने के बाद पीआरडी जवानों और उनके परिवारों के हित में अनेक महत्वपूर्ण घोषणाएँ कीं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में पीआरडी जवानों के लिए एक विशिष्ट प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना की जाएगी। ड्यूटी के दौरान किसी जवान को अस्पताल में भर्ती होना पड़े, तो उसकी स्थिति ड्यूटी पर ही मानी जाएगी और उपचार अवधि में अधिकतम छह माह तक मानदेय भी प्रदान किया जाएगा।
समारोह में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पीआरडी जवानों के बच्चों को छात्रवृत्ति देने की घोषणा की गई, साथ ही दिवंगत जवानों के आश्रितों को आर्थिक सहायता भी वितरित की गई। सरकार ने दंगों के दौरान ड्यूटी देते समय मृत्यु होने पर दी जाने वाली अनुग्रह राशि को 1 लाख से बढ़ाकर 2 लाख रुपये कर दिया है। वहीं अति-संवेदनशील ड्यूटी के दौरान मृत्यु पर यह राशि 75 हजार से बढ़ाकर 1.5 लाख रुपये कर दी गई है।
सीएम धामी ने कहा कि पीआरडी जवानों ने यातायात व्यवस्था, सुरक्षा तंत्र और प्रशासनिक सहयोग में लगातार महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। प्राकृतिक आपदाओं और चारधाम यात्रा के दौरान उनके योगदान को अत्यंत सराहनीय बताया। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि 10 वर्ष की सेवा पूरी करने वाले सेवानिवृत्त पीआरडी जवानों को 18 लाख रुपये का एकमुश्त सेवा-भत्ता प्रदान किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पीआरडी जवानों के कल्याण और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है और आगे भी उनके हित में आवश्यक कदम उठाए जाते रहेंगे।
