देहरादून: प्रदेश में महिला सशक्तीकरण को नई गति देने के उद्देश्य से महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने आगामी बजट का 30 प्रतिशत हिस्सा महिलाओं के लिए आरक्षित करने का प्रस्ताव रखा है। इस संबंध में उन्होंने मुख्य सचिव आनंद वर्धन को पत्र लिखकर सुझाव दिया है कि राज्य सरकार के वार्षिक बजट में महिलाओं के लिए जेंडर बजट का दायरा और बढ़ाया जाए।
मंत्री रेखा आर्या ने पत्र में उल्लेख किया है कि उत्तराखंड में पिछले कुछ वर्षों से जेंडर बजट में लगातार वृद्धि हो रही है और इसका सीधा लाभ महिलाओं से जुड़ी योजनाओं को मिल रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि वर्ष 2026-27 के बजट में जेंडर बजट का हिस्सा और बढ़ाकर 30 प्रतिशत तक किया जा सकता है।
आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में वर्ष 2021-22 में जेंडर बजट लगभग 12 प्रतिशत था, जिसे 2022-23 में बढ़ाकर 13.77 प्रतिशत किया गया। इसके बाद 2023-24 में यह करीब 14 प्रतिशत रहा, जबकि 2024-25 में जेंडर बजट का हिस्सा 16 प्रतिशत तक पहुंच गया। वहीं 2025-26 में कुल 1,01,175 करोड़ रुपये के बजट में जेंडर बजट का हिस्सा करीब 17 प्रतिशत रहा।
प्रदेश सरकार की ओर से हर वर्ष आम बजट में जेंडर बजट का प्रावधान किया जाता है। इस बजट के तहत स्वीकृत राशि विभिन्न विभागों के माध्यम से संचालित महिलाओं के उत्थान एवं सशक्तीकरण से जुड़ी योजनाओं पर खर्च की जाती है। नियमों के अनुसार, जेंडर बजट की राशि को किसी अन्य मद में खर्च करने का प्रावधान नहीं है।
